चंद्रहास वैष्णव 
नारायणपुर।छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में पुलिस को नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत बड़ी सफलता मिली है। 1 लाख रुपये का इनामी माओवादी कैडर बिजलू मण्डावी ने पुलिस अधीक्षक रोबिनसन गुड़िया के समक्ष आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।
यह सफलता “माड़ बचाओ अभियान” और “पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन” पहल के तहत मिली है। पुलिस के अनुसार, वर्ष 2025-26 में अब तक जिले में 302 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं और 270 हथियार बरामद किए गए हैं, जो क्षेत्र में शांति बहाली की दिशा में बड़ा संकेत है।
🔹 संयुक्त ऑपरेशन में बड़ी बरामदगी
नारायणपुर पुलिस, डीआरजी, आईटीबीपी और बीएसएफ के संयुक्त अभियान में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के कई छिपे डंप का पता लगाकर कार्रवाई की। इस दौरान:
–59 विभिन्न प्रकार के हथियार बरामद
–1856 जिंदा राउंड सहित कुल 1908 गोला-बारूद जब्त
–581 विस्फोटक/IED से जुड़ी सामग्री बरामद
–बीजीएल राउंड व लॉन्चर सहित 330 सामग्री जब्त
🔹 IED और विस्फोटक सामग्री का जखीरा मिला
अभियान के दौरान 113 डेटोनेटर, 300 मीटर वायर, 20 से अधिक प्राइमा कॉर्ड, लगभग 55 किलो विस्फोटक रसायन (बारूद, सल्फर, यूरिया) सहित बड़ी मात्रा में बम बनाने की सामग्री और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए गए।
🔹 नक्सलियों को बड़ा झटका
पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से नक्सलियों की हथियार आपूर्ति, लॉजिस्टिक्स और IED निर्माण क्षमता को बड़ा नुकसान पहुंचा है।
🔹 जनता से सहयोग की अपील
पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे संदिग्ध वस्तुओं या गतिविधियों की जानकारी तुरंत सुरक्षा बलों को दें, ताकि क्षेत्र को जल्द नक्सलमुक्त बनाया जा सके।
