उमरिया जिले के पाली में बिना परमिट के दौड़ रही है स्कूलों में निजी वाहने

दीपक विश्वकर्मा

पाली, उमरिया जिले में कई स्कूल वाहन बिना परमिट के चल रहे हैं, जिससे बच्चों की जान का खतरा लगातार बना हुआ है और यातायात/आरटीओ विभाग इस पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रहा है—ऐसे में कोई बड़ी दुर्घटना होने का डर स्थानीय लोगों को लगा रहता है

पाली में अनेक स्कूल वाहन बिना परमिट के, नियमों को ताक पर रखकर चल रहे हैं—स्कूल बच्चों को ठूंस-ठूंस कर लाते-ले जाते हैं, जिससे गंभीर खतरा पैदा होता है[1].
स्थानीय पुलिस और आरटीओ को लेकर आम जनता में असंतोष है कि इन स्कूल वाहनों पर ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है
पूर्व में इसी क्षेत्र में एक स्कूल बस के पलटने की घटना हो चुकी है; जिसमें बस का खलासी (हेल्पर) की मौत और लगभग दो दर्जन बच्चे घायल हुए थे

प्रशासनिक कार्रवाई और प्रतिक्रिया

जिले के कलेक्टर के आदेश पर आरटीओ ने कभी-कभार अभियान चलाकर बिना परमिट वाले वाहन जब्त भी किए हैं, लेकिन अभियान कमजोर और नाकाफी माना जाता है जमीनी स्तर पर अनियमित स्कूल वाहन संचालन और RTO-अधिकारियों की निष्क्रियता को लेकर मीडिया में निरंतर खबरें छप रही हैं, पर समस्या बनी हुई है

दुर्घटना और जनता की चिंता

क्षेत्रीय मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि नियमों को नजरअंदाज करने से छोटी-छोटी दुर्घटनाएँ आम हो गई है बड़ी घटना होने का खतरा अक्सर मंडराता है
अभिभावकों और स्थानीय निवासियों की यह मांग है कि अधिकारी सक्रियता दिखाएं और ठोस कार्रवाई करें ताकि बच्चों की जान जोखिम में न रहे
पाली, उमरिया जिले में बिना परमिट स्कूल वाहनों के खुले संचालन से दुर्घटना और बच्चों के लिए खतरा बना हुआ है, जबकि प्रशासनिक कार्रवाई कमजोर दिखती है—जिससे बड़ी घटना का डर सभी को है

Express MPCG