यजुवेन्द्र सिंह ठाकुर
काँकेर । निजी क्षेत्र की बसों में यात्रियों के साथ , विशेष कर बुजुर्गों के साथ किस प्रकार का घटिया व्यवहार किया जाता है, इसका उदाहरण आज उस समय देखने को मिला, जब एक 90 वर्षीय वृद्धा माता को बस कंडक्टर ने धक्के मार कर बस से उतार दिया और उसकी पोटली में रखा सामान भी उठाकर फेंक दिया । इस प्रकार का दुर्व्यवहार देखकर बस स्टैंड में चाय बेचने वाली एक महिला ने वृद्धा माता को सहारा दिया और उसे जलपान कराकर कुल किस्सा सुना, जिससे मालूम हुआ कि कटनी के पास किसी गांव में रहने वाली 90 वर्षीय वृद्धा जगदलपुर की जेल में सजा काट रहे अपने पुत्र से मिलने गई थी और वहां से लौटते समय शायद पैसे की कुछ समस्या के कारण बस कंडक्टर ने वृद्धा के साथ दुर्व्यवहार करते हुए धक्का मार कर निकाल दिया और सामान भी फेंक दिया। अब कटनी तक जाने के लिए उसके पास कुछ भी नहीं है ,यह जान कर चाय वाली महिला ने “जन सहयोग ” समाजसेवी संस्था के अध्यक्ष अजय पप्पू मोटवानी को फोन किया और माजरा बताया। इस पर वे फौरन बस स्टैंड आए और उन्होंने वृद्धा माता को दिलासा देते हुए अगली आने वाली बस से उनके रायपुर तक जाने का प्रबंध करने का वादा किया और आगे भी जाने का खर्च व अन्य खर्च मिलाकर ₹1000/- की आर्थिक सहायता तुरंत प्रदान की। अगली बस के कंडक्टर एक शरीफ़ तथा भले आदमी थे, उन्होंने अजय पप्पू मोटवानी से वादा किया कि वे वृद्धा माताजी को रायपुर बस स्टैंड से ऑटो द्वारा रेलवे स्टेशन तक पहुंचाने का भी प्रबंध कर देंगे ताकि वहां से वे कटनी जा सकें। बस में वृद्धा माता को सुविधाजनक सीट भी प्रदान की गई। वृद्धा ने “जन सहयोग ” के अध्यक्ष अजय पप्पू मोटवानी को बहुत-बहुत दुआएं तथा आशीर्वाद प्रदान किया । बस स्टैंड में उपस्थित तमाम लोगों ने “जन सहयोग” के इस नेक कार्य की हार्दिक प्रशंसा की।
