आर एस भटनागर
जगदलपुर। बस्तर में कांग्रेस संगठन लगातार टूटता चला जा रहा है। इसके पीछे का कारण ये है कि कांग्रेसी नेता लगातार भाजपा की सदस्यता लेते चले जा रहे हैं। इसी बीच कुछ बड़े नेताओं के भाजपा प्रवेश की सुगबुगाहट भी तेज हो गई है। लोकसभा चुनाव के नजदीक आने के साथ ही किसी न किसी बहाने कांग्रेसी लगातार संगठन छोड़कर भाजपा में प्रवेश करते चले जा रहे हैं। भारत की राजनीति में भाजपा व कांग्रेस को जहां सांप-नेवले की जानी दुश्मन माना जाता है। सूत्र बताते हैं कि ऐसे में कांग्रेस छोड़कर भाजपा प्रवेश करने वाले कांग्रेसी नेताओं-कार्यकर्ताओं पर गोपनीय तरीके से नजर भी रखी जा रही है। इसके पीछे का कारण ये है कि कांग्रेसियों का भाजपा प्रवेश कई तरह के संदेहों को भी जन्म दे रहा है।
मालूम हो कि पिछले दिनों कांग्रेसी महापौर ने अपनी पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा देकर भाजपा प्रवेश किया था। उनके साथ 5 और पार्षदों ने भी कांग्रेस छोड़ी थी। उस समय उन्होंने कांग्रेस में मर्यादाहीन लोगों के बचे होने का हवाला दिया था, जिनके द्वारा कांग्रेसी नेत्रियां लगातार प्रताड़ित होती रहीं। भाजपा प्रवेश के तुरंत बाद महापौर ने अपने लिए सुरक्षा भी मांग ली। इसके पीछे का कारण उनहोंने बताया कि भाजपा प्रवेश के बाद उनकी जान को खतरा हो सकता है। इसलिए उन्हें सुरक्षा दी जानी चाहिए। पार्टी सूत्रों के अनुसार भाजपा प्रवेश के बाद महापौर अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रही हैं।
इसी क्रम में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की चुनावी सभा के तुरंत बाद कांग्रेस के ग्रामीण जिलाध्यक्ष ने भी कांग्रेस संगठन पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए पद और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया और ठीक दूसरे दिन ही उन्होंने भाजपा प्रवेश कर लिया। कांग्रेस में बड़े पद पर बैठे नेता का कांग्रेस पर आरोप लगाकर पार्टी से इस्तीफा देना कांग्रेस पार्टी के वातावरण पर सवाल खड़े कर रहा है।
इस बीच अब ये खबरें भी आनी शुरू हो गई हैं कि कांग्रेस के शहर जिलाध्यक्ष भी भाजपा नेताओं से संपर्क में बने हुए हैं। वे इस बात का प्रयास कर रहे हैं कि वे पार्टी की सदस्यता ले सकें, लेकिन भाजपा संगठन ने उनके आग्रह को फिलहाल किनारे रख दिया है।
