
कोंडागांव @ भरत भारद्वाज
*कलेक्टर ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए ली समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन की समीक्षा बैठक*
*समिति प्रबंधन एवं सापेक्ष अधिकारियों ने कहा कि कोई भी किसान विलो नहीं कर रहा है।
कोण्डागांव कलेक्टर दीपक सोनी ने पिछले दिन वीडियो कांफ्रेंसिंग के द्वारा जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 के तहत समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन की समीक्षा बैठक ली और संबंधित अधिकारियों से कहा कि राज्य शासन के निर्देशानुसार दिनांक 31 जनवरी 2023 तक किसानों से धान सुनिश्चित किया जाए, कोई भी पंजीकृत किसान अपने धान विस्को से बदले में नहीं रहना चाहिए। इस दिशा में संबंधित किसानों से चर्चा के साथ चर्चा कर उन्हें सत्य तिथि तक वां विलोकर समझाइएश दी जायें। उन्होंने कहा कि मेहनतकश अन्नदाता किसानों के समान हम सभी खाद्य सामग्री को स्वीकार कर रहे हैं, इसलिए हम सभी इन अन्नदाताओं के साथ संवेदनशील होकर अपनी पोजिशन मार्केटिंग के लिए पहल करें। जिले में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिए, अन्यों पर किसानों को जो बुनियादी प्रावधान अनुपालन किया जा रहा है, उसे विकल्प निरन्तर बेहतर बनाया जाए। हम सभी अन्नदाताओं के साथ निरंतार संपर्क भरते हुए उनकी परेशानियों को दूर करने के लिए हर संभव प्रयास करें। समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिए बारदाना की स्वीकार्यता, समय पर उनके धान का मूल्यांकन,राशि का भुगतान सहित अन्य सुविधाओं पर पूरा ध्यान दिया जाए।
*किसानों की धान पर अंतिम दिन तक ध्यान दें*
कलेक्टर श्री सोनी ने समर्थन मूल्य पर ठा में किसी भी प्रकार की विशिष्टता या मिश्रित नहीं करने आगाह करते हुए अधिकारियों से कहा कि जिन किसानों ने अपना पंजीयन दावा किया है उनकी धान की वैकल्पिक रूप से नियत तिथि 31 जनवरी तक सुनिश्चित कर दी जाएगी। इस दिशा में संबंधित किसानों को समय पूर्व टोकन प्राप्त करने के लिए समझा दिया जाए। लेकिन इस दौरान कोचियों और बिचौलियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाती है और किसी भी स्थिति में अवैध धान का विलो नहीं हो, इस पर ध्यान केंद्रित किया जाए। इस दौरान संदिग्ध लोगों पर पूरी तरह से निगरानी रखी जाए और पूरी जांच एवं सत्यापन के बाद ही धान का पर्यवेक्षण किया जाए। वे इस सीमावर्ती क्षेत्रों में संबंधित संबंधों को आपसी तालमेल के साथ संबद्ध चौकसी बढ़ाने और अवैध धान का परिवहन करते हैं जाने की स्थिति में संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश देने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री सोनी ने मूल्यांकन का समर्थन करते हुए धान उपार्जन में किसी भी प्रकार की विशिष्टता या गड़बड़ी करने की स्थिति में सख्त कार्रवाई की वजह जाने हेतु आगाह करते हुए कहा कि इस ओर नियमानुसार कार्यवाही की सोच। अब तक ऐसे प्रबंधन प्रबंधक एवं ठां व्यक्त केंद्रित केंद्रितियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की गई है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन किसानों ने पंजीयन के अनुरूप अब तक अपने सभी धान विलो कर चुके हैं उनके रकबा समर्पण सुनिश्चित सत्यापन करें। वहीं वे बन्धु किसानों के विस्तृत विवरण के साथ संपर्क कर उनके धान के लिए वारिसन पंजीयन की प्रक्रिया अतिशीघ्र संबंधित कृषक परिवार को हर संभव तरीके से निर्देश देने वाले अधिकारियों को दिए जाते हैं। बैठक में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन निर्धारित अंतिम दिन पर नोडल अधिकारियों से जुड़े हुए हुए पर हुए धान की शर्तों की अनंतिम स्थिति, प्राप्त हुए धान का संपूर्ण स्कंध, खाली बारदाने का भौतिक सत्यापन आदि दिए गए। वहीं अब तक उपार्जित धान किसानों को भुगतान सहित रखरखाव के लिए भुगतान, तिरपाल की व्यवस्था एवं उठाव स्थिति, कस्टम मिलिंग के अलावा किसानों को लेने की स्वीकार्यता, कृषकों के धान की पसंद अलग बारदाना की पर्याप्त हैं, किसानों के धान के समय पर आदि सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत समीक्षा करने की आवश्यकता है, संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान खुलासा हुआ कि जिले में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के तहत अब तक 34423 किसानों से एक लाख 65 हजार 504 मैट्रिक टन धान का संशोधन किया गया है। बैठक में सहायक पंजीक सहयोगी संस्था केएल उईके, नियंत्रक नियंत्रक दिवसेश्वर प्रसाद, जिला विपणन अधिकारी श्री नेताम के साथ ही अन्य अधिकारी मौजूद हैं।
