यजुवेन्द्र सिंह ठाकुर
कांकेर,
जिला कांग्रेस कमेटी कांकेर ने शासकीय आयोजनों में प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस की लगातार उपेक्षा किए जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। जिला कांग्रेस कमेटी कांकेर के अध्यक्ष श्री बसंत यादव ने आरोप लगाया है कि कांकेर जिला प्रशासन द्वारा आयोजित विभिन्न शासकीय कार्यक्रमों में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष, वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं एवं संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों को आमंत्रित नहीं किया जा रहा है। यहां तक कि छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस जैसे महत्वपूर्ण शासकीय आयोजन में भी जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों को निमंत्रण पत्र तक नहीं दिया गया, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, चिंताजनक एवं लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्री बसंत यादव ने कहा कि राज्य स्थापना दिवस किसी एक राजनीतिक दल या सरकार का कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की जनता के गौरव, अस्मिता और सम्मान का उत्सव है। ऐसे महत्वपूर्ण शासकीय आयोजनों में सत्ता पक्ष के साथ-साथ प्रमुख विपक्षी दल के प्रतिनिधियों को भी उचित सम्मान और सहभागिता का अवसर दिया जाना चाहिए। लेकिन कांकेर जिला प्रशासन द्वारा कांग्रेस संगठन की लगातार अनदेखी किए जाने से प्रशासन की निष्पक्ष कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
श्री यादव ने कहा कि किसी भी प्रमुख राजनीतिक दल का जिला अध्यक्ष उस संगठन का सर्वोच्च जिला पदाधिकारी होता है तथा उसका राजनीतिक एवं संगठनात्मक महत्व सत्ताधारी दल के जिला अध्यक्ष के समकक्ष होता है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में सत्ता पक्ष और विपक्ष के संगठनात्मक पदाधिकारियों के प्रति समान सम्मान एवं व्यवहार की अपेक्षा की जाती है। इसके बावजूद प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस के जिला अध्यक्ष एवं अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों को शासकीय आयोजनों में सम्मानपूर्वक आमंत्रित करना तो दूर, निमंत्रण पत्र देना तक आवश्यक नहीं समझा जाना पूरे कांग्रेस संगठन के प्रति उपेक्षापूर्ण रवैये को दर्शाता है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर ऐसी क्या वजह है कि जिले के महत्वपूर्ण शासकीय आयोजनों में प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस के पदाधिकारियों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है? क्या जिला प्रशासन सत्ता पक्ष के राजनीतिक दबाव में कार्य कर रहा है ? यदि ऐसा नहीं है, तो कांग्रेस संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों को शासकीय कार्यक्रमों से दूर रखने का क्या कारण है ? उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यप्रणाली से यह आशंका उत्पन्न होना स्वाभाविक है कि कहीं जिला प्रशासन राजनीतिक दबाव में आकर विपक्षी दल के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार तो नहीं कर रहा है। जिला प्रशासन को इस संबंध में अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
श्री बसंत यादव ने कहा कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में हमेशा सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों को साथ लेकर चलने तथा लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप सभी जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक संगठनों को सम्मान देने की परंपरा निभाई है। लेकिन वर्तमान में शासकीय आयोजनों में जिस प्रकार प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस की अनदेखी की जा रही है, वह स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है।
उन्होंने कहा कि शासकीय कार्यक्रम किसी एक राजनीतिक दल की निजी संपत्ति नहीं होते। इनका आयोजन जनता के संसाधनों और शासकीय व्यवस्था के माध्यम से किया जाता है। इसलिए ऐसे आयोजनों में राजनीतिक भेदभाव की भावना के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। लोकतंत्र में जितना महत्व सत्ता पक्ष का है, उतना ही महत्व विपक्ष का भी है। प्रशासन का दायित्व है कि वह राजनीतिक पक्षपात से ऊपर उठकर सभी के प्रति समान सम्मान और निष्पक्ष व्यवहार सुनिश्चित करे।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्री बसंत यादव ने कांकेर जिला प्रशासन के इस उपेक्षापूर्ण रवैये की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि कांग्रेस संगठन की अनदेखी किसी भी स्थिति में उचित नहीं है। उन्होंने मांग की कि भविष्य में आयोजित होने वाले सभी महत्वपूर्ण शासकीय कार्यक्रमों में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष, वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं एवं संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों को सम्मानपूर्वक आमंत्रित किया जाए तथा प्रशासन अपनी निष्पक्षता बनाए रखते हुए सभी राजनीतिक दलों के प्रति समान व्यवहार सुनिश्चित करे।
