यजुवेन्द्र सिंह ठाकुर
कांकेर जिले में स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026 के अंतर्गत 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक संचालित गतिविधियों के तहत बाल देखरेख संस्थाओं एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में विभिन्न स्वच्छता एवं जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। अभियान की राष्ट्रीय थीम “स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत” के अनुरूप स्वच्छता के प्रति जनभागीदारी एवं सामूहिक जिम्मेदारी को बढ़ावा दिया गया। इसी क्रम में जिले के बालगृह बालिका, सिंगारभाट एवं दत्तक ग्रहण एजेंसी में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। इन संस्थाओं में देखरेख एवं संरक्षण प्राप्त कर रहे 6 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों तथा 0 से 6 वर्ष आयु वर्ग के शिशुओं एवं छोटे बच्चों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया गया।
अभियान के दौरान संस्थाओं के अंदर एवं बाहर व्यापक साफ-सफाई की गई। कमरों, शयन कक्षों, रसोईघर, शौचालय एवं परिसर की सफाई की गई। पुराने, टूटे-फूटे एवं अनुपयोगी सामानों का निस्तारण कर परिसर को व्यवस्थित किया गया, जिससे बच्चों के खेलने, बैठने एवं अन्य गतिविधियों के लिए अधिक स्थान उपलब्ध हो सके। बच्चों के दैनिक उपयोग की वस्तुओं एवं आसपास के वातावरण की स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान दिया गया। जैन जागरूकता रैली निकाली गई एवं संस्थानों में रंगोली प्रतियोगिता पोस्टर ड्राइंग निबंध प्रतियोगिता आदि गतिविधियों का भी आयोजन किया गया इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों में भी स्वच्छता के महत्व को लेकर जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। अभियान के दौरान उपस्थित माताओं एवं स्थानीय ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए बताया गया कि बच्चों को विभिन्न बीमारियों से सुरक्षित रखने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ-साथ घरों एवं आसपास के परिवेश में भी साफ-सफाई बनाए रखना आवश्यक है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा माताओं एवं ग्रामीणों को बच्चों के स्वास्थ्य, व्यक्तिगत स्वच्छता एवं स्वच्छ वातावरण के महत्व की जानकारी दी गई तथा स्वच्छता को दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
बालगृह एवं दत्तक ग्रहण एजेंसी में निवासरत बच्चों को व्यक्तिगत स्वच्छता, नियमित हाथ धुलाई, स्वच्छ कपड़े पहनने, नाखूनों की सफाई, भोजन से पहले एवं शौच के बाद हाथ धोने तथा अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने के संबंध में जागरूक किया गया। उन्हें बताया गया कि स्वच्छ वातावरण बीमारियों से बचाव, बेहतर स्वास्थ्य एवं बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
अभियान के दौरान संस्थाओं में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बीच बाल संरक्षण एवं बच्चों की सुरक्षा के संबंध में भी जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं।
विशेष स्वच्छता अभियान का उद्देश्य बाल देखरेख संस्थाओं एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वच्छ एवं सुंदर वातावरण तैयार करने, बच्चों को सुरक्षित परिवेश उपलब्ध कराने, माताओं एवं स्थानीय समुदाय की सहभागिता सुनिश्चित करने तथा स्वच्छता को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित करना रहा।
अभियान के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि स्वच्छता केवल साफ-सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के स्वस्थ जीवन, सुरक्षित बचपन एवं बेहतर भविष्य की आधारशिला है। इसमें समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता आवश्यक है।
