यजुवेन्द्र सिंह ठाकुर 
कांकेर-छत्तीसगढ़ के करीब 4 लाख शिक्षक और कर्मचारियों के मन में महंगाई भत्ते को लेकर गहरी कसक है।कर्मचारियों का कहना है कि छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद भी उन्हें अपने अधिकारों के लिए पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश की ओर देखना पड़ रहा है। मध्यप्रदेश सरकार जहां देय तिथि से महंगाई भत्ते का लाभ एरियर्स सहित देने का फैसला कर रही है, वहीं छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों को एरियर्स का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा,संयोजक वाजिद खान महासचिव हेमेंद्र साहसी,सह सचिव डॉ. कृष्णमूर्ति शर्मा,जिलाध्यक्ष स्वदेश शुक्ला जिला सचिव संतोष जायसवाल,मीडिया प्रभारी कृष्णेंदु आइच ने कहा कि प्रदेश के करीब 4 लाख शिक्षक और कर्मचारी आज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का गठन प्रदेश की खुशहाली और विकास के लिए हुआ था, लेकिन आज महंगाई भत्ते जैसी मांग के लिए भी कर्मचारियों को मध्यप्रदेश की ओर देखना पड़ रहा है।
*88 महीने में कर्मचारियों को हुआ भारी आर्थिक नुकसान*
एसोसिएशन ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने कर्मचारियों को 2 प्रतिशत महंगाई भत्ते का लाभ एरियर्स के साथ देने का फैसला किया है,जबकि छत्तीसगढ़ में कर्मचारियों को देय तिथि से महंगाई भत्ता देने के बजाय काफी देरी से लाभ दिया जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि पिछले करीब 88 महीनों में प्रदेश के कर्मचारियों को महंगाई भत्ते के एरियर्स का भारी नुकसान उठाना पड़ा है। कर्मचारियों के वेतनमान के अनुसार यह नुकसान लगभग 2.50 लाख से 6 लाख रुपये तक पहुंच चुका है।
*अलग राज्य बनने के बाद भी MP से तुलना करने को मजबूर कर्मचारी*
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि मध्यप्रदेश में कर्मचारियों को देय तिथि से महंगाई भत्ता दिया जाता है, लेकिन छत्तीसगढ़ में देय तिथि से भुगतान नहीं करने की परंपरा बन गई है। यही वजह है कि प्रदेश के कर्मचारियों के मन में अलग राज्य बनने के बाद भी नुकसान होने की भावना घर कर गई है।
उन्होंने कहा कि जब मध्यप्रदेश सरकार अपने कर्मचारियों को एरियर्स सहित महंगाई भत्ता दे सकती है, तो छत्तीसगढ़ में कर्मचारियों को उनके हक की राशि क्यों नहीं दी जा रही है?
*दीपावली पर भी कर्मचारियों को नहीं मिल रही वास्तविक राहत*
एसोसिएशन ने कहा कि महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की घोषणा के बावजूद कर्मचारियों को पुराने महंगाई भत्ते के आधार पर वेतन भुगतान किया जा रहा है। ऐसे में दीपावली की खुशियों के बीच भी कर्मचारियों में निराशा है।
उन्होंने कहा कि जब तक कर्मचारियों को देय तिथि से महंगाई भत्ते का लाभ और लंबित एरियर्स नहीं मिलेगा, तब तक उन्हें वास्तविक आर्थिक राहत नहीं मिल सकती।
*मुख्यमंत्री से एसोसिएशन की अपील- लंबित एरियर्स का करें भुगतान*
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय शर्मा सहित समस्त पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से प्रदेश के कर्मचारियों के लंबित महंगाई भत्ते की एरियर्स राशि का भुगतान करने की मांग की है।
उन्होंने कहा-“आज पूरे छत्तीसगढ़ के कर्मचारी आहत हैं और वास्तव में अपने आपको ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। मुख्यमंत्री से निवेदन है कि वे प्रदेशभर के कर्मचारियों के लंबित महंगाई भत्ते की एरियर्स राशि का भुगतान करें और कर्मचारियों का मनोबल ऊंचा उठाएं।”
