यजुवेन्द्र सिंह ठाकुर
कांकेर
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में जेपी इंटरनेशनल स्कूल, कांकेर में गरिमामय और उत्साहपूर्ण माहौल में विशेष सभा का आयोजन किया गया। ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ थीम पर केंद्रित इस आयोजन में प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोककला और परंपराओं के साथ महिला सशक्तिकरण तथा युवा प्रतिभाओं की भूमिका को प्रमुखता से रेखांकित किया गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के बस्तर संभाग प्रभारी सुब्रत साहा तथा कोंडागांव जिला अध्यक्ष सूरज यादव उपस्थित रहे। प्राचार्य रितेश कुमार चौबे सहित विद्यालय परिवार ने छत्तीसगढ़ी परंपरा के अनुरूप अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया तथा विद्यार्थियों ने मधुर स्वागत गान से उनका अभिनंदन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसके बाद उपस्थितजनों ने प्रदेश के प्रति गौरव संकल्प लिया।
इसके पश्चात विद्यार्थियों ने भाषण, समूह गीत, कविता पाठ, भाषा प्रस्तुति तथा मनमोहक लोकनृत्य के माध्यम से छत्तीसगढ़ी लोकसंस्कृति, नारी शक्ति और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया। इन प्रस्तुतियों में प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक जागरूकता की सुंदर झलक दिखी, जिसे अतिथियों और दर्शकों ने खूब सराहा। खेल के क्षेत्र में विद्यालय का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को भी मंच पर सम्मान मिला। इंडो-नेपाल कराटे चैंपियनशिप तथा एमपावर इंटर स्कूल क्रिकेट एवं खो-खो टूर्नामेंट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को अतिथियों ने पदक प्रदान किए। इस दौरान पूरा सभागार तालियों से गूँज उठा।
मुख्य अतिथि सुब्रत साहा ने अपने उद्बोधन में राज्य स्थापना के महत्व और छत्तीसगढ़ की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को समान अवसर, सम्मान और आत्मनिर्भरता देना किसी भी विकसित समाज की पहचान है। युवाओं को संबोधित करते हुए साहा ने कहा कि युवा किसी भी राज्य और राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं। उनमें असीम ऊर्जा, नए विचार और कुछ कर गुजरने का जज़्बा होता है। यदि इस ऊर्जा को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सही मार्गदर्शन मिले, तो वे प्रदेश के विकास में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। सैन्य जीवन के अनुभवों का उल्लेख करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच को जीवन का मूलमंत्र बनाने तथा लक्ष्य के प्रति समर्पित रहकर निरंतर परिश्रम करने का संदेश दिया। उद्बोधन के उपरांत विद्यालय परिवार की ओर से अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के बस्तर संभाग प्रभारी सुब्रत साहा तथा कोंडागांव जिला अध्यक्ष सूरज यादव को शॉल एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
