विनोद जैन

बालोद नगर पालिका परिषद द्वारा अवैध कॉलोनियों में सरकारी खजाने (15वें वित्त आयोग) से लाखों रुपये खर्च कर चमचमाती सीसी सड़कों का निर्माण कराने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है।
शासन के नियमों की अनदेखी और भू-माफियाओं को फायदा पहुंचाने के आरोपों के बीच, पार्षद दीपक लोढा ने नगर पालिका के अधिकारी को एक बेहद तीखा और तंज भरा पत्र सौंपकर विरोध दर्ज कराया है।
पत्र में लिखा है, 15वें वित्त आयोग के 37.40 लाख रुपये का ऐसा जादुई उपयोग किया गया है कि भू-माफिया निकाय प्रशासन की आरती उतार रहे हैं। लगता है कि बालोद को लंदन बनाने की शुरुआत इन्हीं अवैध गलियों से होगी।
भवन अनुज्ञा जारी हो: यदि सड़क वैध है और सरकारी पैसे से बन रही है, तो पालिका प्रशासन अपना दोहरा रवैया बंद करे और उन सड़कों के किनारे स्थित छोटे भूखंडों पर नागरिकों को मकान बनाने (भवन अनुज्ञा) की अनुमति प्रदान करे।
