*सरहद पर तैनात वीर जवानों के लिए कांकेर से भेजी गईं 25,000 राखियां: ‘ऑपरेशन सिपाही’ के तहत हुआ भव्य आयोजन*

यजुवेन्द्र सिंह ठाकुर

कांकेर। नगर के पुराना बस स्टैंड में पूर्व सैनिक संगठन, सिपाही पूर्व सैनिक महासभा एवं समस्त राष्ट्रभक्त संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में भारतीय सेना के सम्मान में एक अत्यंत गरिमामय एवं भावनात्मक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

“ऑपरेशन सिपाही” ‘रक्षा-सूत्र 0.4 (2026)’ अभियान के अंतर्गत आगामी रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे वीर जवानों के लिए कांकेर जिलेवासियों की ओर से 25,000 राखियां सौंपी गईं।

कार्यक्रम के दौरान पूर्व सैनिक महासभा के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप राणा कमल किशोर साहू फ़टू लाल साहू , मदन शर्मा जी, गिरीश गौतम एवं सतीश कुमार साहू को वीर सिपाहियों तक पहुंचाने हेतु ये राखियां ससम्मान सौंपी गईं।

इस देशभक्तिपूर्ण कार्यक्रम में मुख्य रूप से कांकेर के विधायक आशाराम नेताम , हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष (राज्यमंत्री दर्जा) श्रीमती शालिनी राजपूत , महिला मोर्चा की संभाग प्रभारी श्रीमती रजिंदर रंधावा , महिला मोर्चा की जिला प्रभारी श्रीमती अर्चना चौबे , पूर्व विधायक श्रीमती सुमित्रा मारकोले , भाजपा जिलाध्यक्ष महेश जैन , नगर पालिका अध्यक्ष अरुण कौशिक एवं नगरपालिका उपाध्यक्ष उत्तम यादव विशेष रूप से उपस्थित रहे।

इसके अलावा कांकेर शहर मंडल अध्यक्ष दिनेश रजक , महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष श्रीमती रूखमणी उइके , जिला उपाध्यक्ष श्रीमती सरिता कुलदीप , श्रीमती मीरा सलाम , श्रीमती शकुंतला जैन , जिला महामंत्री श्रीमती विजयलक्ष्मी कौशिक , श्रीमती जयना तारम , श्रीमती चित्रलेखा जैन , श्रीमती मंजू सारथी , श्रीमती स्मृति कौशिक , पार्वती साहू , निधि संचेती , श्रीमती सरिता यादव जी, श्रीमती अंजू साहू , श्रीमती प्यारी साहू , नीलिमा देवनाथ , तमन्ना लखवानी , सीता गुप्ता , गूंजा सोनी , आरोही गीटावट्टी सहित जिला व मंडल के समस्त पदाधिकारीगण, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने भारतीय सेना के शौर्य और समर्पण को नमन करते हुए कहा कि सीमाओं पर तैनात जवान हमारे देश की शान हैं। यह रक्षा-सूत्र अभियान सैनिकों के प्रति कांकेर की जनता के प्रेम, सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक है।

साथ में महिला बाल विकास एवं स्कूली बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। एवं उनके द्वारा भी सैनिकों के लिए बड़ी संख्या में राखी भेजी गई।