“तुम हो रक्षक तो काहे का डरना… बालोद नगर पालिका में ‘शिव शक्ति’ पर सौगातों की बौछार, बिना टेंडर ‘एक्सटेंशन’ का अटूट प्यार

विनोद जैन

बालोद कहते हैं कि अगर सरकारी दफ्तरों में मेहरबान रक्षक मिल जाएं, तो नियमों-कायदों के भक्षक बनने में देर नहीं लगती। कुछ ऐसा ही अटूट प्रेम BALOD नगर पालिका और शिव शक्ति कंस्ट्रक्शन के बीच देखने को मिल रहा है।

नगर पालिका के अधिकारी-कर्मचारी इस कदर ठेकेदार पर निहाल हैं कि ऐसा लग रहा है मानो उनके दिल से आवाज़ निकल रही हो— “तुम हो रक्षक तो काहे का डरना, फाइलों में जब चाहा जो चाहा कर देना!”

BALOD नगर पालिका में इन दिनों ठेकेदार को बिना नए टेंडर के बैक-टू-बैक एक्सटेंशन की सौगात देने का महा-उत्सव चल रहा है। जुलाई के आखिरी दिनों में जब दिल दरिया हुआ, तो बीते हुए जून महीने का वर्क ऑर्डर हाथ में थमा दिया।

अब देखना यह है कि यह एक्सटेंशन का खेल और बैक-डेट की सौगातें जुलाई के बाद अगस्त और सितंबर तक भी जारी रहती हैं, या फिर किसी वरिष्ठ अधिकारी की नींद खुलती है और इस रक्षक और ठेकेदार की जोड़ी का लेखा-जोखा मांगा जाता है।