भानुप्रतापपुर में हुए प्रसूता और नवजात की मौत मामले में बीएमओ निलंबित

भानुप्रतापपुर में हुए प्रसूता और नवजात की मौत मामले में बीएमओ निलंबित

  • कांकेर/रायपुर। भानुप्रतापपुर में हुए प्रसूता और नवजात की मौत मामले में छत्तीसगढ़ शासन ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) डॉ. शचिन्द्र कुमार गोटा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, भानुप्रतापपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती प्रसूता के उपचार के दौरान कथित लापरवाही बरतने के मामले को गंभीरता से लिया गया। आदेश में उल्लेख है कि 22 मई 2026 को प्रकाशित समाचार “डॉक्टर बोले आज नहीं आएगा, दो दिन से तड़पने के बाद परिजन मजबूरी में निजी गौतमअस्पताल में भर्ती कराया गया जहां प्रसूता के साथ नवजात की मौत” के संबंध में यह कार्रवाई की गई है। 

छत्तीसगढ़ शासन के अवर सचिव दिव्या वैष्णव द्वारा जारी आदेश के अनुसार, डॉ. गोटा को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।

निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय संभागीय संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं, रायपुर संभाग निर्धारित किया गया है। उन्हें सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही, निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई को सरकारी अस्पतालों में लापरवाही के मामलों पर सख्त रुख के रूप में देखा जा रहा है। मामले में विभागीय जांच की कार्रवाई भी आगे जारी रहेगी।