विनोद जैन
बालोद
नियमों को ताक पर रखकर और चहेती पुरानी प्लेसमेंट एजेंसी को उपकृत करने के लिए किस तरह सरकारी फाइलों को दबाया जाता है, इसका जीवंत उदाहरण बालोद नगरपालिका का प्लेसमेंट टेंडर (GeM Bid संख्या: GEM/2026/B/7629350) बन चुका है।
विभागीय बाबू के एक ताजा खुलासे ने अब सीधे ‘ऊपर’ बैठे बड़े अधिकारियों को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
नगरीय प्रशासन विभाग के स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं कि निविदा खुलने के बाद यथाशीघ्र 03 दिनों के भीतर निविदा समिति से अनुशंसा प्राप्त कर सक्षम प्राधिकारी के पास फाइल भेजी जाए।
26 जून को खुले टेंडर का फैसला 29 जून तक हो जाना चाहिए था, लेकिन आज 28 जुलाई यानी पूरे 32 दिन बीत जाने के बाद भी नई एजेंसी को काम मिलना तो दूर, फाइल पर धूल जमी हुई है।
जब इस घोर लापरवाही को लेकर संबंधित विभाग के बाबू का कहना है कि ‘संयुक्त संचालक महोदय ही निविदा समिति के अध्यक्ष होते हैं, इसलिए फाइल उन्हें भेजी गई है और पिछले 15 दिनों से फाइल उन्हीं के पास है।
