विनोद जैन 
बालोद नगर पालिका प्रशासन की एक बेहद शर्मनाक और संवेदनशील लापरवाही का मामला सामने आया है।
शहर में आवारा कुत्तों की नसबंदी के लिए संचालित पशु जन्म नियंत्रण (ABC) कार्यक्रम के तहत नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
हद तो तब हो गई जब शहर को साफ-सुथरा रखने वाली ‘स्वच्छता दीदियों’ को बिना किसी सुरक्षा उपकरण और प्रशिक्षण के, खूंखार और आक्रामक कुत्तों को एबीसी सेंटर तक छोड़ने के काम में झोंक दिया गया है।
मामला सिर्फ दीदियों की सुरक्षा तक सीमित नहीं है। नियमों के मुताबिक नसबंदी के लिए श्वानों को लाने-ले जाने हेतु विशेष रूप से निर्मित हवादार ‘डॉग वैन’ का इस्तेमाल होना चाहिए।
परंतु, यहाँ डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन करने वाले (सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट) वाहनों और ई-रिक्शा में कुत्तों को ठूंसकर ले जाया जा रहा है।
जिस गाड़ी से सुबह शहर का कचरा उठाया जाता है, उसी में बेजुबानों को बंद किया जा रहा है, जिससे गाड़ियों के जरिए पूरे शहर में रेबीज और अन्य संक्रामक बीमारियां फैलने का भारी खतरा पैदा हो गया है।
