दंतेवाड़ा, जयप्रकाश ठाकुर
दंतेवाड़ा जिले के थाना सिटी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 03, कतियाररास में एक महिला की निर्मम हत्या के मामले का दंतेवाड़ा पुलिस ने त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करते हुए मात्र 24 घंटे के भीतर खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन सिंह (भा.पु.से.) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामकुमार बर्मन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र खुंटे के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी दंतेवाड़ा अविनाश कुमार के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी निरीक्षक धनंजय सिन्हा के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने इस गंभीर प्रकरण में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया।
दिनांक 23 जुलाई 2026 की सुबह पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि वार्ड क्रमांक 03, कतियाररास स्थित लक्ष्मण कुंजाम के मकान से तेज दुर्गंध आ रही है। सूचना पर तत्काल पुलिस टीम मौके पर पहुंची। मकान के मुख्य द्वार पर ताला लगा होने के कारण पुलिस पीछे के हिस्से से परिसर में पहुंची, जहां आंगन में एक महिला का शव अत्यंत क्षत-विक्षत एवं सड़ी-गली अवस्था में मिला। शव का सिर धड़ से अलग था तथा शरीर में सड़न के कारण कीड़े लग चुके थे।
घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल क्राइम सीन यूनिट एवं डॉग स्क्वाड की सहायता ली गई। आसपास के लोगों से पूछताछ करने पर मृतिका की पहचान झुनकी कुंजाम (35 वर्ष), पति लक्ष्मण कुंजाम, निवासी बुरूंगपाल, थाना बोधघाट, जिला बस्तर के रूप में हुई!
प्रारंभिक पूछताछ में जानकारी मिली कि मृतिका एवं उसके पति लक्ष्मण कुंजाम के बीच आए दिन विवाद होता था तथा आरोपी अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह करता था। प्राप्त तथ्यों एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम तत्काल आरोपी की तलाश में रवाना हुई तथा गोंदपाल क्षेत्र से घेराबंदी कर लक्ष्मण कुंजाम को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि दिनांक 17.07.2026 की शाम उसकी दूसरी पत्नी झुनकी कुंजाम एक बोतल देशी शराब लेकर घर आई थी। दोनों ने साथ बैठकर शराब पी। इसी दौरान नशे की हालत में दोनों के बीच विवाद हुआ। विवाद बढ़ने पर आरोपी ने आवेश में आकर पत्नी को घर के पीछे आंगन में ले जाकर रसोई से लाए चाकू से उसके गले पर वार कर उसकी हत्या कर दी।
प्रकरण में थाना सिटी कोतवाली दंतेवाड़ा में अपराध क्रमांक 73/2026 के तहत धारा 103(1), भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की गई।
पुलिस द्वारा घटनास्थल का वैज्ञानिक निरीक्षण, भौतिक साक्ष्यों का संकलन, शव परीक्षण तथा गवाहों के कथन लिए गए। पूछताछ एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर दिनांक 24.07.2026 को माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
इस प्रकरण के सफल एवं त्वरित खुलासे में निरीक्षक धनंजय सिन्हा, निरीक्षक मुकेश ताती, उप निरीक्षक राजेश कुमार, उप निरीक्षक योगेन्द्र डहरिया, संजय पॉल, PSI अंकित सोनी, PSI अश्वनी सिंह, सहायक उप निरीक्षक पंकजधर, सुनीता साहू, प्रधान आरक्षक वीरेंद्र नाग, बुधरू राम कड़ती, सतीश यादव, आरक्षक राजू ताती, गोपाल पुजारी, सुदर्शन कश्यप, भील कुमार नाग, भूपेंद्र पुजारी एवं मनोज नेगी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
