बस्तर बन सकता है आयुर्वेदिक स्वास्थ्य का नया केंद्र, योग पढ़ने वाले युवाओं को मिलेगा रोजगार: संजय अग्रवाल

चंद्रहास वैष्णव

योग आयोग अध्यक्ष बोले- बस्तर में वेलनेस सेंटर खोलने की तैयारी, सांसद महेश कश्यप ने कहा- 500 करोड़ के आयुर्वेदिक एम्स के लिए लगातार चल रही पैरवी

बस्तर आने वाले समय में योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा का बड़ा केंद्र बन सकता है। छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने शुक्रवार को आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि प्रदेश में योग शिक्षा को रोजगार से जोड़ने की दिशा में ठोस पहल की जा रही है। कॉलेज और विश्वविद्यालयों से योग की पढ़ाई पूरी करने वाले युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की योजना तैयार की जा रही है। इसके लिए 23 जुलाई को प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की बैठक बुलाई गई है, जिसमें योग विषय के विद्यार्थियों के लिए रोजगार का रोडमैप तैयार किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि बस्तर की प्राकृतिक परिस्थितियां योग और आयुर्वेद आधारित स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अनुकूल हैं। इसी कारण यहां वेलनेस सेंटर स्थापित करने की योजना पर काम चल रहा है। इन केंद्रों में स्थानीय युवाओं को योग प्रशिक्षक, पंचकर्म सहायक और थेरेपिस्ट के रूप में प्रशिक्षित कर रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही प्रदेश के स्कूलों में योग को पाठ्यक्रम से जोड़ने की तैयारी भी अंतिम चरण में है। अग्रवाल ने बताया कि नया रायपुर में करीब 100 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक योग भवन एवं थेरेपी सेंटर का निर्माण भी शुरू हो चुका है।

प्रेसवार्ता में सांसद महेश कश्यप ने कहा कि बस्तर में 400 से 500 करोड़ रुपए की लागत वाले आयुर्वेदिक एम्स की स्थापना के लिए केंद्र और राज्य स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस संबंध में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री, आयुष मंत्री और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से कई दौर की चर्चा हो चुकी है। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि छत्तीसगढ़ को आयुर्वेदिक एम्स की स्वीकृति मिलती है तो बस्तर इसकी सबसे मजबूत दावेदारी रखता है। प्रेसवार्ता में महापौर संजय पांडे सहित योग आयोग और आयुष क्षेत्र से जुड़े कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।

##बस्तर को मिलेंगे स्वास्थ्य और रोजगार के दोहरे अवसर

यदि बस्तर में आयुर्वेदिक एम्स और वेलनेस सेंटर स्थापित होते हैं तो इससे स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। सांसद महेश कश्यप ने कहा कि यह परियोजना बस्तर को चिकित्सा शिक्षा, शोध और आयुर्वेदिक उपचार का राष्ट्रीय केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी, जबकि योग आयोग का लक्ष्य योग शिक्षा प्राप्त युवाओं को रोजगार से जोड़कर पलायन रोकना है।