विनोद जैन 
BALOD नगर पालिका के बहुचर्चित एलम (फिटकरी) घोटाले की जांच में अब तक का सबसे बड़ा और निर्णायक मोड़ सामने आया है।
क्षेत्रीय कार्यालय के भरोसेमंद सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले 4 महीने से जिस गोपनीय फाइल और स्टॉक रजिस्टर को दबाकर रखा गया था, उसे नपा प्रशासन द्वारा जेडी दफ्तर में सौंप दिया गया है।
सूत्रों का कहना है कि जेडी दफ्तर में फाइलें जमा होने के बाद अब उच्च स्तरीय जांच टीम इन दस्तावेजों के पन्ने-पन्ने को बारीकी से खंगालने में जुट गई है।
इस फाइल के आधिकारिक रूप से जमा होने के बाद घोटाले से जुड़े रसूखदार अधिकारियों और सप्लायरों की धड़कनें तेज हो गई हैं।
चूंकि अब एलम कांड के सारे वाउचर, मूल नस्तियां और स्टॉक पंजी दुर्ग कार्यालय के हवाले हो चुके हैं और PHE की तकनीकी रिपोर्ट में भी गड़बड़ी की पुष्टि हो चुकी है, इसलिए अब दोषियों का बचना नामुमकिन है।
