*अप्रवासी भारतीय दम्पत्ति निखिल सतवानी व श्रीमती स्नेहा सतवानी को दत्तक ग्रहण विनिमय के तहत् कानूनी रूप से गोद दिया गया*

यजुवेन्द्र सिंह ठाकुर

कांकेर जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित विषेषीकृत दत्तक ग्रहण एजेंसी से दिनांक 26/05/2026 को संस्था के बालक अमर (उम्र – 07 माह) को दुबई में निवासरत अप्रवासी भारतीय दम्पत्ति निखिल सतवानी व श्रीमती स्नेहा सतवानी को दत्तक ग्रहण विनिमय के तहत् कानूनी रूप से गोद दिया गया। दंपत्ति निखिल सतवानी व श्रीमती स्नेहा सतवानी का पंजीयन केन्द्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण में दिनांक 25/03/2022 को हुआ था। जिन्हे दिनांक 02/02/2026 को बच्चे का रेफ्रल गया व दिनांक 05/02/2026 को बच्चे को रिजर्व किया गया। भावी दत्तक माता-पिता काफी खुष थे और दिनांक 24/02/2026 को बालक से मुलाकात की और तुरंत बच्चे को स्वीकार करते हुए दत्तक ग्रहण संबंधी कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया। माता-पिता ममत्व से अभिभूत होकर उन्होंने बच्चे के हर एक बाल क्रिया जैसे – बच्चे का करवट बदलना, मुस्कुराना, पलटना आदि क्रियाओं को दत्तक ग्रहण के कर्मचारीयो से संकलित की। दिनांक 26/05/2026 को बच्चा दत्तक ग्रहण समारोह में श्री हरेष मंडावी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कांकेर, श्री विपिन जैन जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग कांकेर, श्री अनुकूल पाण्डे, महिला एवं बाल विकास अधिकारी, श्रीमती रीना लारिया जिला बाल संरक्षण अधिकारी व संस्था के कर्मचारीगण उपस्थित रहे। श्री हरेष मंडावी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत के द्वारा उपस्थित दम्पत्ति को बालक अमर को सौंपते हुए शुभकामनाएं दी गई।
उल्लेखित है कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित विषेषीकृत दत्तक ग्रहण एजेंसी में दत्तक में दिये जाने वाले 0-6 आयु के बालकों को रखा जाता है। अब तक एजेंसी के माध्यम से विधिवत कानूनी प्रक्रिया के तहत् 60 बच्चों को गोद में दिया गया है। जिसमें छत्तीसगढ़ में 21 बच्चों को दत्तक में दिया गया है व अन्य राज्यों में 31 बच्चों को दत्तक में दिया गया (विदेष) में 08 बच्चों को दत्तक में दिया गया है। वर्तमान में 44 भावी दत्तक माता-पिता विषेषीकृत दत्तक ग्रहण एजेंसी में पंजीकृत है। भारत में कानूनी रूप से बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया पूरी तरह से विनियमित और व्यवस्थित है। वर्तमान में यह व्यवस्था किषोर न्याय (बालकों की देखरेख व संरक्षण) अधिनियम 2015 यथा संषोधित 2021 और दत्तक ग्रहण विनियम 2022 के तहत् संचालित है। इस पूरी प्रक्रिया को केन्द्र स्तर पर महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अंतर्गत आने वाला एक वैधानिक निकाय केन्द्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (ब्।त्।) संभालता है जो कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार में निःषुल्क पंजीयन कराया जाता है। भारत में दत्तक ग्रहण के लिए नियम, पात्रता और इसकी प्रक्रिया है जिसके अंतर्गत गोद लेने के इच्छुक माता-पिता को बुनियादी नियमों को पूरा करना होता है। जिसके अंतर्गत पहचान से संबंधित दस्तावेज, वैवाहिक स्थिति, आयु सीमा, स्वास्थ्य जांच (भावी दत्तक माता-पिता व बच्चा), गृह अध्ययन रिपोर्ट से संबंधित दस्तावेज की उपलब्धता आवष्यक रहती है। वैध और कानूनी तरीके से ही दत्तक ग्रहण सुरक्षित है।
जिला प्रषासन समाज के सभी प्रबुद्ध नागरिकों से अपील करता है कि बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए हमेषा वैध और कानूनी दत्तक ग्रहण का ही समर्थन करें। यदि आपको कहीं भी कोई बेसहारा बच्चा मिले तो जिला बाल संरक्षण इकाई, महिला एवं बाल विकास विभाग कांकेर या सीधे चाईल्ड हेल्प लाईन 1098 को सूचित करें।