भानुप्रतापपुर @*महिला आरक्षण पर भाजपा सिर्फ राजनीति कर रही, चुनावी लाभ के लिए मुद्दा उठाया गया: नमन झाबक जैन* *नारी शक्ति वंदन अधिनियम को तत्काल लागू न करना सरकार की मंशा पर सवाल: कांग्रेस नेता* *ओबीसी महिलाओं के लिए अलग कोटा नहीं, महिलाओं को गुमराह कर रही भाजपा: नमन*

रिपुदमन सिंह बैस

भानुप्रतापपुर, 19 अप्रैल 2026। कांकेर लोकसभा आईटी सेल अध्यक्ष एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के महामंत्री नमन झाबक जैन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर भाजपा सरकार पर महिला आरक्षण के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आरक्षण देने की बात केवल बहाना है, जबकि भाजपा का वास्तविक उद्देश्य भावनात्मक माहौल बनाकर चुनाव में महिलाओं का वोट हासिल करना है।
नमन झाबक जैन ने कहा कि जब नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 संसद से पारित हो चुका था, तो इसे तत्काल लागू क्यों नहीं किया गया। उस समय कांग्रेस सहित पूरा विपक्ष मांग कर रहा था कि महिलाओं को न्याय तभी मिलेगा, जब कानून को तुरंत लागू किया जाए। लेकिन भाजपा ने इसे जनगणना और परिसीमन (डिलिमिटेशन) के बाद लागू करने की बात कहकर टाल दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि अब पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही भाजपा को फिर से महिला आरक्षण की याद आ गई है। इससे साफ जाहिर होता है कि सरकार महिलाओं के अधिकारों के प्रति गंभीर नहीं है, बल्कि चुनावी लाभ लेने के लिए इस मुद्दे को बार-बार सामने लाया जा रहा है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि केंद्र सरकार वास्तव में महिलाओं को आरक्षण देना चाहती, तो बिल को परिसीमन से नहीं जोड़ा जाता। डिलिमिटेशन देश के संघीय ढांचे से जुड़ा विषय है, जिस पर व्यापक चर्चा और सहमति जरूरी है। ऐसे में इसे बहाना बनाकर कानून लागू करने में देरी करना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से केंद्र में भाजपा की सरकार है। इतने लंबे समय में महिला आरक्षण कानून पहले भी लाया और लागू किया जा सकता था। वर्ष 2010 में यूपीए सरकार के समय महिला आरक्षण विधेयक राज्यसभा से पारित हो चुका था, लेकिन भाजपा के विरोध के कारण वह आगे नहीं बढ़ सका।
नमन झाबक जैन ने यह भी कहा कि वर्तमान कानून में 33 प्रतिशत आरक्षण के भीतर ओबीसी महिलाओं के लिए अलग से कोई प्रावधान नहीं किया गया है। इससे केवल उच्च वर्ग की महिलाओं को अधिक लाभ मिलेगा, जबकि पिछड़े वर्ग की महिलाएं फिर पीछे रह जाएंगी।
उन्होंने कहा कि भाजपा को महिलाओं की याद केवल चुनाव के समय आती है। जनता अब सब समझ चुकी है और आने वाले समय में देश की महिलाएं मजबूती से जवाब देंगी।