पैथोलॉजी लैब के संचालक मरीजों से कर रहे मनमानी वसूली

उमरिया जिला
 दीपक विश्वकर्मा

Express ==ब्लड टेस्ट के नाम पर पैथोलॉजी लैब का अवैध व्यापार दिन प्रतिदिन खूब फल फूल रहा है हर गली मोहल्ले में कोई ना कोई पैथोलॉजी लैब नजर आ जा रही है इन फर्जी लैब पैथोलॉजी के पास ना तो कोई अनुमति होती है ना ही कोई लैब टेक्नीशियन का उपकरण है उमरिया जिले के पाली नगर में जो पैथोलॉजी चल रही है वे पूरी तरह से अवैध है

नियमों की बात करें तो लैब संचालन के लिए एमडी पैथोलॉजिस्ट मौजूद होना चाहिए लेकिन अधिकांश लैब पर पैथोलॉजिस्ट के दस्तावेजों के भरोसे ही काम चल रहा है यहां तक इन लैब पर टेक्नीशियन तक मौजूद नहीं है कुछ लैब संचालकों ने प्रशासन को गुमराह करने के लिए इसज कलेक्शन सेंटर का नाम दे दिए हैं जिसके कारण स्वास्थ्य विभाग भी इन पर कार्यवाही करने से बचता रहता है।

कमिश्नर का है बड़ा खेल

मरीज अपना इलाज करवाने डॉक्टर के पास जाता है तो उसे खून पेशाब की जांच करवाने के लिए कहा जाता है छोटी से छोटी जांच में 200 से 400 रुपए खर्च हो जाते हैं टेस्ट के बाद जिस डॉक्टर का पर्चा होता है उसके पास से ली गई फीस अनुसार कमीशन पहुंचाया जाता है
बताया जाता है कि यह कमीशन 30 से 40% तक होता है यही कारण है कि पिछले 5 सालों में लैब खुलने की संख्या जिले में लगातार बढ़ती जा रही है वही जो डॉक्टर पहले कभी जांच नहीं करवाया करते थे वह भी अब मरीज को जांच करवाने के लिए लैब भेज देते हैं

जिले में पैथोलॉजी लैब इस तरह खुली हुई है जिस तरह झोलाछाप डॉक्टर के क्लीनिक वैसे तो अधिकांश लैब बिना अनुमति के ही चल रही है लेकिन कुछ पैथोलॉजी संचालकों ने अनुमति भी ले रखी है
स्वास्थ्य विभाग की मिली भगत से लैब संचालकों को कार्यवाही का कोई डर नहीं रहता मरीजों से मनमानी राशि भी यह वसूलते हैं कुछ टेस्ट तो किए बिना ही डाटा दे दिया जाता है

अब देखना यह होगा कि जिस प्रकार स्वास्थ्य विभाग ने अवैध क्लिनिको के ऊपर कार्यवाही की उसी तरह इन अवैध पैथोलॉजी के ऊपर भी कार्रवाई होती है या यूं ही मोटी रकम लेकर इन अवैध लैब पैथोलॉजी को नजरअंदाज कर दिया जाएगा।।

Express MPCG