रेलवे चिकित्सालय में विश्व अंगदान दिवस यात्रियों व कर्मचारियों को किया जागरूक

नरसिहपुर

आशीष कुमार दुबे

नरसिहपुर। आज दिनांक 13 अगस्त को विश्व अंगदान दिवस. वर्ल्ड ऑर्गन डोनेशन डे मनाया गया व यात्रियों कर्मचारियों को भी जागरूक किया गया । रेलवे चिकित्सक डॉ आर आर कुर्रे ने बताया कि विश्व अंगदान दिवस. वर्ल्ड ऑर्गन डोनेशन डे इसका उद्देश्य लोगों में अंगदान के महत्व को लेकर जागरूकता पैदा करना है। इसलिए 13 अगस्त को अंतर्राष्ट्रीय अंगदान दिवस मनाया जाता है… किसी जीवित व्यक्ति या मृत व्यक्ति के शरीर के ऊतक या अंग को जीवित व्यक्ति के शरीर में ट्रांसप्लांट करना अंगदान कहा जाता है.क्योंकि एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में ही पांच लाख लोगों को मौत.प्रत्येक वर्ष. क्रियाशील अंग को खराब होने के कारण होता है . जिसे अंगदान करने वाले व्यक्ति ईश्वर की भूमिका निभाता है. अंगदान मनाने का मुख्य लक्ष्य है. इसे हमें ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक करना. पूरे देश में अंगदान के बारे में संदेश फैलाना. तथा अंगदान करने वाले को हिचकिचाहट से दूर रखना. अंक दाता का आभार व्यक्त करना. तथा अन्य लोगों को प्रेरित करना.. अंगदान में मुख्यतः किडनी हार्ट. फेफड़ा आंख लिवर यानी कलेजा. पैंक्रियास पाचन ग्रंथि आंखें सफेद पुतली. आत त्वचा यानी स्किन. नसे तथा हड्डी आदि. दान किया जा सकता है. अंगदान को भी व्यक्ति किसी भी धर्म किसी भी उम्र का महिला या पुरुष अंगदान कर सकता है लेकिन 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को अपने माता-पिता या पालक के अनुमति के बाद ही दान कर सकते हैं… अंगदान कहां और कैसे कर सकते हैं. मोहन संस्थान सतायु. अपना अंगदान संस्थान. एक जीवन को उपहार. आदि जगह कर सकते हैं.. प्राकृतिक मृत्यु के कंडीशन में. कार्निया हृदय वाल्व तथा हड्डियों जैसे उत्तक का दान कर सकते हैं लेकिन मस्तिष्क के मृत्यु होने पर केवल. लिवर किडनी आप और फेफड़े पेनक्रियाज ही दान कर सकते हैं.. यह व्यक्ति अंगदान नहीं कर सकते. कैंसर से पीड़ित व्यक्ति. एड्स से पीड़ित व्यक्ति. एवं अन्य गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्ति. डायबिटीज हाइपरटेंशन एवं हृदय रोग से पीड़ित व्यक्ति को अंगदान करना नहीं चाहिए. अतः हमें दूसरे के जीवन में उजाला लाने के लिए अंगदान अवश्य करना चाहिए।

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