
दीपक विश्वकर्मा
एमसीबी। भारतीय शक्ति चेतना पार्टी के विधानसभा प्रत्याशी महेश प्रसाद ने संविदा कर्मचारियों को लेकर कहा की छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार के द्वारा दबाव बनाकर संविदा कर्मचारियों की हड़ताल को खत्म करवा दिया गया है। सरकार इनकी मांगे पूरी करे और इन कर्मचारियों को नियमित करे। लगातार हो रही सरकार के खिलाफ़ प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि सरकार अपने वादे को पूरा करने में नाकाम रही है।
आज़ादी को 75 वर्ष हो गये मगर देश विकास नहीं कर पाया है। शराबबंदी के नाम पर गंगा जल छू कर वादा करने वाली सरकार अब खुद शराब बेच रही है। पहले शिक्षको फिर डाक्टरों और अब संविदा कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन यह बताता है कि छत्तीसगढ़ की सरकार ने लोगो से जो वादा किया था वह आज तक अधूरा है। जिस भरोसे के आधार पर जनता ने कांग्रेस को चुना था उसमे सरकार पुरी तरह फेल हो चुकी है। भुपेश सरकार ने एक वर्ग को अच्छी खासी सौगात देकर अपनी सरकार को अच्छी सरकार बताई लेकिन दूसरे विभागों के साथ इसी सरकार ने पक्षपात किया है। विधायको को आज जहां लाखों रुपयों का वेतन एवं भत्ता दिया जा रहा है और पेंशन दिया जा रहा है वही संविदा कर्मचारियों को अपने भविष्य की चिंता सताने लगी है। उनके पास ना तो वेतन है और न ही पेंशन की कोई व्यवस्था ऐसे में एक संविदा कर्मचारी अपने जीवन में अपने भविष्य को किस प्रकार सुरक्षित कर पायेगा इसकी चिंता अब एक संविदा कर्मचारी को सताने लगी है। इससे पूर्व में कई वर्गो ने आन्दोलन के माध्यम से सरकार का विरोध किया और अंत में सरकार को भी इन सभी वर्गो की बातों को मानना पड़ा। आज लगभग पूरी प्रशासनिक कार्यप्रणाली संविदा कर्मचारियों पर टिकी हुई है वही छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अब तक संविदा कर्मचारियों का शोषण ही किया गया है। उनके पास ना तो अच्छी सुविधाएं हैं ना ही अच्छा वेतन और ना ही पेंशन की कोई ऐसी सुविधा जिससे वे अपने भविष्य की चिंता से मुक्त हो सकें।
