आदिवासी समाज बस्तर संभाग ने किया था एक दिवसीय प्रदर्शन का आह्वान संभाग के सातों जिलों मेंअनुसूचित (पांचवी अनुसूची) क्षेत्रों में स्थानीय आरक्षण लागू करने की मांग, कांकेर में निकाली रैली, सौपा ज्ञापन

कांकेर / सर्व आदिवासी समाज बस्तर संभाग ने संभाग के सातों जिलों मेंअनुसूचित (पांचवी अनुसूची) क्षेत्रों में स्थानीय आरक्षण लागू करने की मांग करते

 

आज 21 जून 2023 एक दिवसीय धरना प्रदर्शन स्थान जिला मुख्यालय बस्तर, कोण्डागांव, कांकेर, – दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर में करने का किया था आह्वान ।

इनका कहना है कि

26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान के लागू होने के पश्चात भारत के समस्त नागरिकों को जीवन के हर क्षेत्र में विकास करने का समान अवसर प्रदान किया गया है, अनुसूचित (पांचवी अनुसूची) क्षेत्रों में स्थानीय निवासी (ST, SC, OBC) आर्थिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक असमानता के शिकार हैं। पांचवी अनुसूची क्षेत्रों के लिए, 1994 में स्थानीय मूल निवासियों (ST, SC, OBC) के लिए बनाए गये नियमों के तहत अनुसूची के पैरा (1) द्वारा अनुसूचित क्षेत्रों के संबंध में प्रदत्त शक्तियों के तहत माननीय राज्यपाल महोदय की सहमति एवं अनुमोदन से बस्तर तथा सरगुजा संभाग के अंतर्गत आने वाले जिलों के विभिन्न विभागों में जिला संवर्ग के तृतीय श्रेणी तथा चतुर्थ श्रेणी के पदों में रिक्तयों पर भर्ती पर एक-एक वर्ष कालावधि के लिए बढ़ाया जाता रहा है, उसे स्थाई रूप से अनुसूचित क्षेत्रों पर लागू किया जायें।

कांकेर में बरसते पानी में भी डेट रहे आंदोलन कारी, कलेक्टर से मिलने की कर घंटो करते रहे मांग,सरकार के खिलाफ करते रहे नारेबाजी, 15 दिवस का दिया अल्टीमेटम, तत्पश्चात करेंगे उग्र आंदोलन की बात कही ।

 

बस्तर संभाग एवं सरगुजा संभाग के मूल निवासी (ST, SC, OBC) से आहवान किया गया है कि अनुसूचित क्षेत्रों में स्थायी मूल निवासियों को तृतीय श्रेणी एवं चतुर्थ श्रेणी में भर्ती की मांग को लेकर दिनांक 21 जून को एक दिवसीय धरना प्रदर्शन सर्व आदिवासी समाज दस्तर संभाग के द्वारा आहवान किया गया है।

मूल निवासियों (ST, SC, OBC) अधिक अधिक संख्या में उपस्थित होकर अनुसूचित क्षेत्रों की असाधारण परिस्थितियों को देखते हुए स्थानीय आरक्षण को लागू करते हुए अनुसूचित क्षेत्रों के मूल निवासी, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के योग्य युवक/युगतियों को अनुसूचित क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर समस्त जिलों के समस्त विभागों के द्वारा तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी में भर्ती प्रक्रिया को एक-एक वर्ष की कलावधि बजाय, स्थाई निरन्तर किया जाये ।

 

21 जून 2023 को एक दिवसीय धरना प्रदर्शन के बाद, राज्य सरकार को ज्ञापन की मांग पर की गई कार्यवाही के अवगत कराने का निवेदन है। मांगों पर समुचित विचार नहीं किया गया तो 15 दिवस के बाद आंदोलन कि जायेगा ।बस्तर संभाग के मूल निवासी अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग से एक दिवसीय धरना प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया गया है ।

कांकेर में गोडवाना समाज भवन अलबेला पर से निकली है । जहां कलेक्ट्रेट  मार्ग जहां पुलिस ने बेरिकेटिंग कर रैली को रोका । आंदोलित रैली ने ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।

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