योगेन्द्र सिंह बैस ✍️
कांकेर/ , प्रदेश पंचायत सचिव संगठन छत्तीसगढ़ के आह्वान पर पंचायत सचिव अपनी एक सूत्रीय मांग परीवीक्षा अवधि पश्चात शासकीयकरण को लेकर 16 मार्च से छत्तीसगढ़ के सभी ब्लॉक मुख्यालय में काम बंद कलम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल में बैठ गए है। हड़ताल के 27 वे दिन प्रदेश के समस्त जिले सहित कांकेर जिले में भी जिला स्तरीय हेलमेट से लैस बाईक रैली का आयोजन किया जिसमें जिले में पदस्थ पंचायत सचिव बाईक रैली माकड़ी से निकली गई जिसे कलेक्ट्रेट मार्ग में पहुंचते ही पुलिस ने बेरिकेट लगाकर रोक दिया ।


जहां मौके में उपस्थित नायब तहसीलदार विकास जैन( प्रशासन ) को ज्ञापन सौंपा ।

ज्ञातव्य हो कि छत्तीसगढ़ प्रदेश पंचायत सचिव संगठन छत्तीसगढ़ के आह्वान पर पंचायत सचिव अपनी एक सूत्रीय मांग परीवीक्षा अवधि पश्चात शासकीयकरण को लेकर 16 मार्च से छत्तीसगढ़ के सभी ब्लॉक मुख्यालय में काम बंद कलम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल में बैठ जाने से कामकाज पूरी तरह से ठप्प हो गई है ।
सचिवों के हड़ताल पर चले जाने से पूरे प्रदेश के 11644 पंचायत कार्यालय में ताला लटका हुआ है छ.ग. में कार्यरत पंचायत सचिव 29 विभाग अनेकों कार्य को जमीनी स्तर पर निर्वहन करते हुए,राज्य शासन एवं केंद्र शासन के समस्त योजनाओं को लोकतंत्र के अंतिम व्यक्ति तक पहुचाने का अतिमहत्वपूर्ण कार्य को करते आ रहे है। राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजना जैसे गोधन न्याय योजना,(नरवा,गरूआ,घुरवा,बाड़ी),राजीव गांधी किसान न्याय योजना,राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना,मनरेगा,प्रधानमंत्री आवास,पेंशन,सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओ का जिम्मेदारी पूर्वक निर्वहन करते आ रहे है। प्रदेश में कार्यरत 10568 पंचायत सचिव में से 15 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके 7184 पंचायत सचिवों को शासकीयकरण का वेतनमान 5200-20200 ग्रेड 2400 मिल रहा है एवं 15 वर्ष के कम सेवावधि वाले पंचायत सचिव जिनकी संख्या 3384 को 3500-10000 ग्रेड 1100 का वेतनमान मिल रहा है। इनका संघ का कहना है कि हम राज्य सरकार के कर्मचारी/शासकीय कर्मचारी नही होने से शासकीय सेवक की भांति अन्य सुविधा जैसे ओपीएस,चिकित्सा भत्ता, अर्जित अवकाश,टी ए,क्रमोन्नति-पद्दोन्नति,बीमा,ग्रेजयुटी से वंचित है. परिवीक्षा अवधि पश्चात सचिवों के शासकीयकरण करने से वार्षिक वित्तीय भार 75 करोड़ मात्र आएगा।
