*बालोद रेलवे स्टेशन पर नए प्लेटफार्म की तत्काल जरूरत दूसरे ट्रैक पर यात्री ट्रेन आने से महिलाएं, बुजुर्ग और दिव्यांग यात्री परेशान*

विनोद जैन

बालोद। बालोद के अमृत भारत रेलवे स्टेशन पर वर्तमान में सिंगल प्लेटफार्म होने के कारण यात्रियों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर जब यात्री ट्रेन दूसरे ट्रैक पर आती है, तब महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और दिव्यांग यात्रियों के लिए प्लेटफार्म तक पहुंचना और ट्रेन में चढ़ना किसी चुनौती से कम नहीं होता बारिश के मौसम मे यह बहुत बड़ी समस्या बनी हुई हैँ वहीं अँधेरे के कारण रेलवे ट्रेक पर बिछे बड़े बड़े गिट्टी आदि से गिरने की संभावना भी बनी हुई हैँ

स्टेशन पर एक ही प्लेटफार्म होने के कारण दूसरे ट्रैक पर ट्रेन आने की स्थिति में यात्रियों को ट्रैक पार कर दूसरी ओर जाना पड़ता है। ऐसी व्यवस्था न केवल यात्रियों के लिए असुविधाजनक है, बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से भी गंभीर चिंता का विषय है। सबसे अधिक परेशानी उन यात्रियों को होती है, जिन्हें चलने-फिरने में कठिनाई होती है।

बालोद रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री आवागमन करते हैं। स्टेशन के बढ़ते यात्री दबाव और यात्री ट्रेनों के संचालन को देखते हुए अब यहां नए प्लेटफार्म का निर्माण समय की आवश्यकता बन गया है।

स्थानीय यात्रियों का कहना है कि रेलवे द्वारा स्टेशन के विकास पर लगातार कार्य किया जा रहा है, लेकिन यात्रियों की मूलभूत सुविधा और सुरक्षित आवागमन को प्राथमिकता देते हुए दूसरे प्लेटफार्म का निर्माण भी जल्द किया जाना चाहिए। इसके साथ ही दोनों प्लेटफार्मों को जोड़ने के लिए सुरक्षित फुट ओवरब्रिज, दिव्यांगों के लिए रैंप तथा बुजुर्गों के लिए सुगम आवागमन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।

यात्रियों की मांग है कि रेलवे प्रशासन बालोद रेलवे स्टेशन की इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेते हुए नए प्लेटफार्म के निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू करे, ताकि किसी अप्रिय घटना की आशंका को टाला जा सके और यात्रियों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक रेल यात्रा का लाभ मिल सके।