चंद्रहास वैष्णव
मुख्य कार्यपालन अधिकारी,जिला पंचायत जगदलपुर,तन्मय खन्ना ने जानकारी देते हुए बताया कि नक्सल मुक्त बस्तर होने के बाद जिले में दिव्यांगजनों के पुनर्वास और सहायता के लिए एक विशेष महाशिविर का आयोजन किया जा रहा है। जगदलपुर के धरमपुरा स्थित क्रीड़ा परिसर में 5 से 7 अक्टूबर 2026 तक तीन दिवसीय निःशुल्क दिव्यांग सहायता शिविर आयोजित होगा। इस शिविर में बस्तर के अलावा कोंडागांव, कांकेर और नारायणपुर जिलों के हितग्राहियों को भी लाभ प्रदान किया जाएगा।
*नक्सल हिंसा पीड़ितों को मिलेगा नया जीवन*
यह शिविर विशेष रूप से उन दिव्यांगजनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिन्होंने नक्सली हिंसा और आईईडी (IED) विस्फोट की घटनाओं में अपने हाथ-पैर गंवा दिए हैं। ऐसे पीड़ितों को निःशुल्क कृत्रिम अंग उपलब्ध करवाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और सामान्य जीवन की ओर लौटाने का प्रयास किया जा रहा है।
*परीक्षण, नए उपकरण और पुराने उपकरणों की मरम्मत*
शिविर में दिव्यांगजनों की आवश्यकता के आधार पर कृत्रिम पैर, कैलिपर्स, बैसाखी, ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, वॉकर, श्रवण यंत्र एवं कृत्रिम हाथ-पैर जैसे सहायक उपकरणों का परीक्षण कर वितरण किया जाएगा। इसके साथ ही जो हितग्राही पहले से सहायक उपकरण उपयोग कर रहे हैं, उनके पुराने उपकरणों की आवश्यक मरम्मत की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।
*निःशुल्क आवास, भोजन और परिवहन व्यवस्था*
शिविर में शामिल होने वाले दिव्यांगजनों के लिए निःशुल्क भोजन और आवास की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। आवश्यकता पड़ने पर दिव्यांगजन अपने साथ एक अटेंडेंट भी ला सकते हैं। इसके अतिरिक्त, हितग्राहियों को शिविर स्थल तक लाने और वापस सुरक्षित पहुंचाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
*जरूरी दस्तावेज*
शिविर का लाभ लेने के लिए दिव्यांगजनों को अपने साथ निम्नलिखित दस्तावेज लाना अनिवार्य है:
* यूडीआईडी (UDID) कार्ड अथवा दिव्यांगता प्रमाण पत्र
* आधार कार्ड
* 2 पासपोर्ट साइज फोटो
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शिविर विवरण:
दिनांक: 5 से 7 अक्टूबर 2026
स्थान: क्रीड़ा परिसर, धरमपुरा, जगदलपुर
आयोजक: भारतीय जैन संगठन, छत्तीसगढ़
सहयोग: भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति (जयपुर) एवं NSE Foundation
विशेष सहयोग: जिला प्रशासन बस्तर, जिला पंचायत जगदलपुर एवं समाज कल्याण विभाग, जगदलपुर
