*साइलेंसर की तेज आवाज और खौफनाक रफ्तार पर लगाम कब?—बालोद में बढ़ता जनआक्रोश*

विनोद जैन

बालोद। शहर की सड़कों पर इन दिनों तेज आवाज वाले दोपहिया वाहनों और तेज रफ्तार से वाहन चलाने वाले युवाओं की बढ़ती संख्या को लेकर लोगों में चिंता और आक्रोश बढ़ता जा रहा है। कई युवा अपने दोपहिया वाहनों में मॉडिफाइड अथवा अत्यधिक तेज आवाज करने वाले साइलेंसर लगाकर शहर की सड़कों पर तेज रफ्तार से वाहन दौड़ाते नजर आते हैं वहीं इनके वाहनो के कागज़त और इन युवाओ लाइसेंस की भी कड़ाई से जांच की जानी चाहिए एवं कठोर चालानी कार्यवाही भी होना चाहिए

तेज आवाज और लापरवाह रफ्तार के कारण सड़क पर चलने वाले आम नागरिकों के साथ-साथ व्यापारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बाजार क्षेत्रों में अचानक तेज आवाज में वाहन गुजरने से लोगों में असहजता और भय का माहौल बनता है। वहीं तेज रफ्तार वाहन किसी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।

लोगों का कहना है कि शहर में यातायात नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है। ऐसे में यातायात विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। आखिर शहर की सड़कों पर खुलेआम तेज आवाज वाले साइलेंसर और खतरनाक तरीके से वाहन चलाने वालों पर नियमित कार्रवाई कब होगी?

नागरिकों ने यातायात विभाग से मांग की है कि शहर के प्रमुख बाजार, चौक-चौराहों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष यातायात जांच अभियान चलाया जाए। तेज आवाज करने वाले अवैध/मॉडिफाइड साइलेंसर, तेज रफ्तार और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।

लोगों का कहना है कि यातायात व्यवस्था केवल चालान तक सीमित न रहे, बल्कि सड़क सुरक्षा और आम नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए नियमित निगरानी एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बालोद शहर की सड़कों पर बढ़ते शोर और खतरनाक रफ्तार पर आखिर कब लगेगा लगाम?