*पिछड़ा वर्ग के शक्ति प्रदर्शन की तैयारी पूरी, कांकेर में जुटेगा जनसैलाब*

यजुवेन्द्र सिंह ठाकुर

कांकेर। सर्व पिछड़ा वर्ग समाज अपने विभिन्न मांगों को लेकर आज जिला मुख्यालय कांकेर में जोरदार प्रदर्शन करने जा रहा है। आंदोलन को लेकर समाज की ओर से व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। गांव-गांव बैठकें आयोजित करने के बाद अब बड़ी संख्या में लोगों को जिला मुख्यालय तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया सहित विभिन्न माध्यमों से संपर्क अभियान चलाया जा रहा है। आयोजकों का दावा है कि प्रदर्शन में हजारों की संख्या में पिछड़ा वर्ग समाज के लोग शामिल होंगे।
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गांव-गांव बैठकों के बाद मुख्यालय कूच
आंदोलन को लेकर पिछले कई दिनों से समाज के पदाधिकारी और कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों से संपर्क कर रहे हैं। बैठकों के माध्यम से समाज की मांगों और आंदोलन की रणनीति की जानकारी दी गई है। इसके बाद अब अधिक से अधिक लोगों को कांकेर पहुंचाने के लिए व्यापक जनसंपर्क किया जा रहा है। बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क हो गया है।
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नरहरदेव मैदान से निकलेगी रैली
आंदोलन से जुड़े नेताओं के अनुसार प्रदर्शन में शामिल होने वाले पिछड़ा वर्ग समाज के लोग सबसे पहले नरहरदेव मैदान में एकत्रित होंगे। यहां समाज के पदाधिकारियों द्वारा सभा को संबोधित किया जाएगा। संबोधन के बाद विशाल रैली निकाली जाएगी। रैली निर्धारित मुख्य मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट मार्ग पहुंचेगी।
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राष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम सौंपेंगे ज्ञापन
रैली के कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद समाज की ओर से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा। समाज के नेताओं का कहना है कि ज्ञापन के माध्यम से पिछड़ा वर्ग से जुड़े विभिन्न मुद्दों और मांगों को सरकार तक पहुंचाया जाएगा। ज्ञापन सौंपने के साथ आंदोलन के पहले चरण का समापन किया जाएगा।
प्रशासन की बढ़ी सक्रियता, नेताओं से लगातार बैठक
हजारों लोगों के प्रदर्शन में शामिल होने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं। कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को लेकर अधिकारियों द्वारा आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा आंदोलन से जुड़े पिछड़ा वर्ग समाज के नेताओं के साथ लगातार बैठक कर रैली के स्वरूप, मार्ग और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा की जा रही है।
आंदोलन के मद्देनजर जिला मुख्यालय में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन की सक्रियता बढ़ गई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि आज होने वाला यह प्रदर्शन किस स्तर तक पहुंचता है और समाज की मांगों को लेकर प्रशासन की ओर से क्या रुख सामने आता है।