चंद्रहास वैष्णव 
जिला खाद्य विभाग ने शहर में अवैध रूप से सरकारी चावल खपाने वाले एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। खाद्य नियंत्रक घनश्याम सिंह राठौर को मिली गुप्त सूचना के आधार पर विभाग की टीम ने छापामार कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में फोर्टिफाइड (एफआरके) चावल जब्त किया है। यह कार्रवाई सुबह लगभग 11 बजे की गई, जब गोदाम से चावल को ट्रक में लोड किया जा रहा था।
*अधिकारियों को गुमराह करने की कोशिश रही नाकाम*
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, जब टीम ने प्रारंभिक स्तर पर जांच शुरू की थी, तब गोदाम मालिक ने अधिकारियों को यह कहकर गुमराह करने का प्रयास किया कि गोदाम पूरी तरह से खाली है और वहां कोई नहीं रहता। लेकिन जब खाद्य विभाग की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए मौके पर दबिश दी, तो वहां चावल को ट्रक में लोड किया जा रहा था। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अवैध परिवहन को रंगे हाथों पकड़ लिया।
*एक नज़र में पूरा मामला*
इस मामले में खाद्य विभाग ने कुल 378 बोरी एफआरके (FRK) चावल जब्त किया है, जिसमें 88 बोरी सरकारी बारदाने में और 290 बोरी प्लास्टिक के बोरे में हैं। इस अवैध कारोबार का मुख्य आरोपी व्यापारी मोहम्मद जिलानी है, जो अपनी दुकान के साथ-साथ साप्ताहिक बाजारों से भी अवैध रूप से चावल की खरीदी-बिक्री करता था। चावल के परिवहन में इस्तेमाल किया जा रहा ट्रक नागपुर के किसी निवासी का बताया जा रहा है, जिसे स्थानीय स्तर पर हाईवे से किराए पर लिया गया था। फिलहाल, जब्त किए गए इस पूरे चावल को जवाहर नगर वार्ड में सुरक्षित सुपुर्दगी में रखवाया जा रहा है।
*ट्रक पुलिस अभिरक्षा में, कलेक्टर कोर्ट में पेश होगा मामला*
इस अवैध कारोबार में जिस ट्रक से चावल का परिवहन किया जा रहा था, उसे विभाग ने जब्त कर लिया है। सुरक्षा की दृष्टि से फिलहाल ट्रक को कोतवाली पुलिस की अभिरक्षा में सौंप दिया गया है। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस पूरे मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए प्रकरण को कलेक्टर कोर्ट में पेश किया जाएगा। आरोपी व्यापारी मोहम्मद जिलानी के खिलाफ भी नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
*कार्रवाई में शामिल रही खाद्य विभाग की टीम*
इस महत्वपूर्ण छापामार कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम देने में खाद्य विभाग की विशेष टीम की अहम भूमिका रही। इस कार्रवाई दल में अधिकारी दिव्या रानी,पायल वर्मा,उमेश चौधरी, तोरण नेताम और हेमंत ब्रह्मभट्ट शामिल थे, जिन्होंने मौके पर पहुंचकर इस अवैध कारोबार का पर्दाफाश किया। विभाग जल्द ही इस मामले में औपचारिक प्रेस विज्ञप्ति भी जारी करने जा रहा है।
