विनोद जैन

बालोद (विनोद जैन) जिला मुख्यालय की नगर पालिका परिषद इन दिनों विकास कार्यों को लेकर नहीं, बल्कि अपनी कछुआ चाल एवं नये नये कारनामो के लिए चर्चा में है बालोद निकाय के कार्यो की चर्चा सिर्फ जिले मे ही नहीं बल्कि राजधानी मे भी चर्चा का विषय बन जाता हैँ आलम यह है कि करोड़ों रुपये के जनहित के कार्य सिर्फ कागजों और फाइलों में दबे पड़े हैं।
ताजा मामला DMF मद से होने वाले विकास कार्यों का है, जहां टेंडर खुले 20 दिन से ज्यादा का वक्त बीत चुका है, लेकिन न तो अब तक दरों को स्वीकृति मिली है और न ही ठेकेदार को कार्यादेश जारी किया गया है।
अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं और जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि आखिर इस सुस्ती के पीछे की वजह क्या है?
जिले की मुखिया होने के नाते अब जनता की नजरें सीधे आप पर टिकी हैं। जब तक जिला प्रशासन इस मामले में कड़ा रुख नहीं अपनाएगा और नगर पालिका के जिम्मेदारों से जवाब-तलब नहीं करेगा, तब तक खनिज न्यास निधि के ये काम इसी तरह ‘भगवान भरोसे’ लटके रहेंगे।
