*NEET विवाद: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कांग्रेस का आंदोलन समाप्त, अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल खत्म*

 

चंद्रहास वैष्णव

NEET-UG परीक्षा में कथित धांधली, पेपर लीक और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) और कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन आखिरकार रंग लाया है। इस आंदोलन में कांग्रेस पार्षद लोकेश चौधरी और अंकित सिंह दो दिवसीय भूख हड़ताल पर बैठे थे, जिन्हें समर्थन देने पूर्व महापौर जतिन जायसवाल भी धरना स्थल पर मौजूद रहे।

शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंपे जाने के बाद, प्रदर्शनकारियों ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी और इसे छात्रों की न्यायसंगत जीत करार दिया।

*शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और हड़ताल की समाप्ति*
लगातार बढ़ते जन दबाव और छात्रों के विरोध को देखते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया। इस निर्णय की खबर आते ही धरना स्थल पर खुशी की लहर दौड़ गई। इसके बाद पूर्व महापौर जतिन जायसवाल की मौजूदगी में भूख हड़ताल पर बैठे पार्षदों और कार्यकर्ताओं का जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया गया।

*बैनर और प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगे:*
धरना स्थल पर लगाए गए बैनर और प्रदर्शनकारियों द्वारा उठाई गई मुख्य मांगें इस प्रकार थीं:
-NEET पेपर लीक पर कार्रवाई: परीक्षा की निष्पक्ष और पारदर्शी जाँच।
-NTA की जवाबदेही: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर रोक और समीक्षा।
-इस्तीफे की मांग: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का नैतिक आधार पर इस्तीफा (जो आज पूरा हुआ)।
-बर्बरता की जाँच: प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और मारपीट की निष्पक्ष जाँच एवं दोषियों पर सख्त कार्रवाई।

*कांग्रेसी युवाओं और छात्रों में हर्ष का माहौल*
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और हड़ताल की सफलता के बाद युवा कांग्रेस और NSUI कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा गया। धरना स्थल पर “शिक्षा में ईमानदारी सरकार की जिम्मेदारी” और “जय युवा, जय हिंद” के नारे गूंज उठे।
पूर्व महापौर जतिन जायसवाल ने कहा कि यह जीत देश के लाखों युवाओं और छात्रों के संघर्ष का परिणाम है। लोकेश चौधरी और अंकित सिंह ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ एक पद के इस्तीफे की नहीं, बल्कि देश की पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था को बहाल करने की दिशा में एक अहम कदम है।