*बिना इंस्टॉलेशन के ही ठेकेदार को 2 लाख 87 हजार 990 रुपये का भुगतान; क्या ब्लैकलिस्ट होगी फर्म,,,,कागजों में चालू, धरातल पर धूल खा रही मशीन*

विनोद जैन

बालोद – स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत बालोद नगर पालिका में पारदर्शिता और डिजिटल गवर्नेंस के बड़े-बड़े दावे जमीन पर किस तरह दम तोड़ रहे हैं, इसका एक जीता-जागता उदाहरण सामने आया है।

निकाय प्रशासन और फर्म की जुगलबंदी ने सरकारी नियमों को ताक पर रखकर एक बड़ी मनमानी को अंजाम दिया है। कचरा प्रबंधन को स्मार्ट बनाने के लिए खरीदी गई लगभग 3 लाख रुपये की प्लेटफॉर्म वेट मशीन पिछले 4 महीनों से धूल खा रही है।

चौंकाने वाली बात यह है कि इस मशीन को केंद्र पर स्थापित तक नहीं किया गया, लेकिन फाइलों में ‘सब ऑल इज वेल’ दिखाकर संबंधित फर्म को पूरा भुगतान भी जारी कर दिया गया।

नियमानुसार, मशीन की आपूर्ति के साथ-साथ वेंडर फर्म को इसका कंक्रीट फाउंडेशन बनाना था, लोड-सेल फिट करने थे, और नापतौल विभाग से कैलिब्रेशन करवाकर इसे चालू स्थिति में हैंडओवर करना था।

​लेकिन धरातल पर सच इसके ठीक उलट है। ठेकेदार ने मशीन के लोहे के भारी-भरकम प्लेटफॉर्म और कलपुर्जों को लाकर सीधे जमीन पर पटक दिया। पिछले 4 महीनों से यह कीमती सरकारी संपत्ति खुले आसमान के नीचे जंग खा रही है।