*जगदलपुर सेंट्रल जेल में अनोखी शादी: सलाखों के पीछे अभिरक्षा में कैदी ने रचाई रचाई शादी, प्रेमी जोड़े का सपना हुआ पूरा*

चंद्रहास वैष्णव

 

छत्तीसगढ़ के जगदलपुर स्थित सेंट्रल जेल परिसर में एक अनोखी और अनूठी शादी देखने को मिली। कानून की बंदिशों और सामाजिक चुनौतियों के बीच न्याय प्रणाली की मानवीय पहल की बदौलत दो प्रेमियों का बरसों पुराना सपना आखिरकार पूरा हो गया। जेल अभिरक्षा के कड़े पहरे में कैदी बुधराम सेठिया और उसकी प्रेमिका मनवती कश्यप का विवाह शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।

*क्या है पूरा मामला?*
बुधराम सेठिया पिछले छह महीनों से जगदलपुर सेंट्रल जेल में सजा काट रहा है। दरअसल, बुधराम का मनवती कश्यप के साथ पहले से ही प्रेम संबंध था। हालांकि, किसी अन्य महिला द्वारा प्रलोभन देकर शारीरिक संबंध बनाने के आरोप के तहत बुधराम पर मामला दर्ज हुआ, जिसके चलते उसे कारावास की सजा काटनी पड़ी। इस अप्रत्याशित मोड़ के कारण बुधराम और मनवती की शादी अधर में लटक गई थी।

*न्यायालय का दरवाजा और ऐतिहासिक अनुमति*
कानूनी अड़चनों के बावजूद मनवती ने अपने प्रेमी का साथ नहीं छोड़ा। न्यायालय में पेशी के दौरान जब मामला सामने आया, तब दोनों ने माननीय न्यायाधीश के समक्ष शादी करने की गुहार लगाई। मामले की संवेदनशीलता और दोनों की इच्छा को ध्यान में रखते हुए न्यायाधीश ने जेल अभिरक्षा के भीतर ही विवाह संपन्न कराने की विशेष अनुमति प्रदान की।

*सामाजिक नाराजगी को दरकिनार कर वकीलों और जेल प्रशासन ने निभाया फर्ज*
सजा काट रहे कैदी की शादी में जब परिजनों ने दूरी बनाई, तो वकीलों और जेल पुलिस ने आगे आकर विवाह के साक्ष्य (गवाह) बनने की जिम्मेदारी निभाई।
इस विवाह के मार्ग में केवल कानूनी ही नहीं, बल्कि सामाजिक चुनौतियाँ भी खड़ी थीं:

परिजनों की असहमति: लड़की (मनवती) के आदिवासी समुदाय से होने के कारण बुधराम के परिवार वाले इस अंतरजातीय/सामाजिक विवाह के सख्त खिलाफ थे। परिवारजनों में भारी नाराजगी देखने को मिली।

शादी के साक्षी: लड़के के परिवार की अनुपस्थिति के बावजूद, विवाह कार्यक्रम में लड़की पक्ष के परिजन, जेल पुलिस बल और बड़ी संख्या में वकील शामिल हुए।

शांतिपूर्ण संपन्न: सभी की मौजूदगी में विवाह की तमाम रस्में जेल परिसर के भीतर ही पूरी सुरक्षा और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराई गईं।

सलाखों के पीछे हुई यह शादी पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। कानून के दायरे में रहते हुए न्यायपालिका और प्रशासन द्वारा दिखाई गई इस मानवीय संवेदना की हर तरफ सराहना हो रही है।