*बस्तर के पिछड़ा वर्ग समाजों का बड़ा फैसला* *स्वघोषित प्रदेश पदाधिकारियों की मनमानी पर रोक, संभागीय और प्रादेशिक पद अमान्य*

जगदलपुर/रायपुरः ब्यूरो रिपोर्ट

जगदलपुर/रायपुर@ छत्तीसगढ़ और बस्तर संभाग में निवासरत विभिन्न पिछड़ा वर्ग समाजों ने संगठन के नाम पर चल रही तानाशाही, धोखाधड़ी और पदों के दुरुपयोग के खिलाफ बेहद कड़ा रुख अपनाया है। समाज के निर्वाचित प्रमुखों प्रमुखों ने ने एक संयुक्त बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि बस्तर में सर्व पिछड़ा वर्ग संगठन के नाम पर कुछ लोग खुद को ‘स्वघोषित प्रदेश पदाधिकारी’ या ‘प्रदेश महामंत्री’ बताकर समाज के साथ छल कर रहे हैं।

मामले के अनुसार, जगदलपुर (धरमपुरा) के सोंधिक समाज भवन में दोनों गुटों को एक करने के उद्देश्य से एक संभागीय बैठक बुलाई गई थी, जिसमें सर्वसम्मति से सामान्य तरुण सिंह धाकड़ को संभागीय अध्यक्ष चुना गया था। इसके बाद पूरी टीम का चयन होना था, लेकिन जगन्नाथ साहू ने पूर्वनियोजित तरीके से भानुप्रतापपुर के कुछ समर्थकों के दम पर खुर्द को जबरन प्रदेश अध्यक्ष घोषित कर दिया।

 

इस अलोकतांत्रिक प्रक्रिया का कोंडागांव जिला पिछडा वर्ग कल्याण संघ के प्रदेश स्रक्षक सदस्य संतोष साहू सहित कई जिलों के पदाधिकारियों ने कड़ा विरोध किया है। आरोप है कि जगन्नाथ साहू समाज को भ्रमित कर रहे हैं और शासन-प्रशासन स्तर पर संगठन के लेटरपैड् का दुरुपयोग कर रहे हैं। मंच से समाज के वास्तविक हितों के बजाय केवल शासकीय योजनाओं का अनुचित प्रचार किया जा रहा है,

जिससे पिछड़ा वर्ग समाज में भारी आक्रोश है। संभागीय प्रवक्ता का इस्तीफा और समाज की चेतावनी: इस तानाशाही, गुटबाजी और मनमानी के विरोध में सर्व पिछड़ा वर्ग के संभागीय प्रवक्ता ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
सुरोजिया कलार समाज, निर्मलक समाज, साहू समाज, सेन समाज, कॅर्मकार समाज, यादव समाज, देवांगन समाज और सोंधिक समाज सहित बस्तर के समस्त पिछड़ा वर्ग समाजों ने सर्वसम्मति से घोषणा की है कि वर्तमान में चल रहे तमाम संभागीय और प्रदेश स्तर के पदों को पूरी तरह अमान्य (खत्म) घोषित किया जाता है। बिना सामाजिक सहमति के की जा रही गतिविधियां स्वीकार नहीं होंगी।
सामाजिक प्रमुखों ने शासन-प्रशासन को सूचेत करते हुए कहा है कि इस अनधिकृत लेटरपैड को पूरी तरह खारिज किया जाए। भविष्य में कोई भी पद का दुरुपयोग करते पीया गया तो कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी। आगामी दिनों में सभी समाजों के पदाधिकारी महाबैठक कर नई व पारदर्शी रूपरेखा तैयार करेंगे।