अवैध अतिक्रमण का खेल उमरिया जिले के पाली तहसील में जारी


दीपक विश्वकर्मा

उमरिया जिले के पाली तहसील में शासकीय भूमि, जंगलों और शासकीय भवनों पर अवैध अतिक्रमण की समस्या गंभीर बनी हुई है, जिससे स्थानीय विकास कार्य और यातायात दोनों प्रभावित हो रहे हैं नगर के मुख्य मार्ग, बाजार क्षेत्र, और सरकारी परिसरों पर अस्थायी व स्थायी कब्जे जमाए गए हैं, जिससे सड़कों पर जाम और अव्यवस्था आम बात हो गई है कई स्थानों पर अतिक्रमण के चलते सड़क, नाली, और अन्य सार्वजनिक कार्य अधर में लटक गए हैं स्थानीय नागरिकों और समाचारों पत्रो के अनुसार, तहसील स्तर के लेखापाल तथा संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से यह अवैध कब्जा का कार्य जारी हैं अक्सर शिकायत होने या कार्रवाई की मांग पर निरीक्षण के नाम पर औपचारिकता या लीपापोती कर दी जाती है और ठोस कार्रवाई नहीं होती कई मामलों में अधिकारियों को गुमराह कर गलत या अधूरी जानकारी भेजी जाती है, जिससे उच्च स्तर पर भ्रम की स्थिति बनी रहती है, और असली दोषियों के खिलाफ कार्रवाई टल जाती है राजस्व टीम व नगर प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने के प्रयास तो होते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई कम दिखती है और अतिक्रमणकर्ताओं का हौसला बढ़ा हुआ दिखाई देता है नागरिकों को प्रशासन से अपेक्षा है कि शासकीय भूमि, सड़क, और सरकारी परिसरों से अतिक्रमण, बिना भेदभाव के जल्द हटाया जाए ताकि विकास, यातायात और नागरिक सुविधाएं प्रभावित न हों आम जनता का यह भी भरोसा है कि यदि उच्च अधिकारी सक्रिय दखल दें तो समस्या पर अंकुश लग सकता है यह स्पष्ट है कि अवैध अतिक्रमण की समस्या सिर्फ प्रशासनिक निष्क्रियता या मिलीभगत का नतीजा ही नहीं, बल्कि जनता-प्रशासन सहयोग से ही हल की दिशा में आगे बढ़ सकती है