
मनेन्द्रगढ़….
दीपक विश्वकर्मा
खबरों का तांडव, हरिओम पाण्डेय एमसीबी। जिले में वर्तमान समय में शराब भले ही हर वर्ग की चाहत में कही न कही कुछ प्रवेश कर रही हो लेकिन इसके गंभीर परिणाम आने वाले समय में देखने को मिल सकते है। आज समाज में मिलावटी व जहरीली शराब कही न कही मोटा मुनाफा कमाने का एक जरिया मात्र बनी है। इसके परिणाम अक्सर भयावह देखने को मिलते है। यह मिलावटी शराब शरीर को धीरे-धीरे नुकसान पहुचाकर एक दिन दीमक की तरह पूर्ण रुप से समाप्त कर देती है। पूरा मामला एमसीबी जिले के अंतर्गत ग्राम पंचायत केल्हारी का है। जहां संचालित विदेशी मदिरा दुकान इन दिनों मिलावटी शराब के नाम से जाना जाने लगा है। यहां की शराब में मिलावट का खेल लंबे समय से चल रहा है लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मौन हैं। शराब में मिलावट की शिकायत के बाद भी उनकी नींद नहीं खुलती है। बीते दिन एक शराब प्रेमी ने अंग्रेजी शराब दुकान केल्हारी से दो नग पौवा आरसी कंपनी की खरीदी लेकिन उस बोतल पर स्कैनर नहीं लगा हुआ था और पुरानी बोतल में दाग एवं डैमेज बोतल थी। शराब प्रेमी ने इस पूरी बात को हमें बताई। इस पर हमने सेल्समैन से पूछा कि बिना स्कैनर और पुराने बोतल में शराब कैसे बेच रहे हों। तब सेल्समैन ने कहा उसको भेज दीजिए बदल कर दूसरी वाली दे देता हूं। सूत्र बताते हैं कि पुराने खाली बोतलों को केल्हारी शराब दुकान के सेल्समैन द्वारा शराब प्रेमियों के घर से इकठ्ठा करके लें जाता है। इससे साफ जाहिर है अंग्रेजी शराब दुकान केल्हारी में पुरानी खाली बोतल में मिलावटी शराब भरकर बेची जा रही है।
*आबकारी विभाग का कार्यवाही ना करना संदेहास्पद।*
बिना स्कैनर के शराब बेचने पर सेल्समैन मोटी कमाई कर रहे हैं और सरकारी खजाने में सेंध लगा रहे हैं। जब इस पूरे मामले पर शिकायत हमने आबकारी विभाग के अधिकारियों से की तो वो बात को टालमटोल करते हुए एक अधिकारी दूसरे अधिकारी का नाम बताते हैं मेरा एरिया नहीं है और दूसरे आबकारी अधिकारी का नाम बताते हैं फिर दूसरे अधिकारी से बात हुई तब उन्होंने फिर पहले अधिकारी का नाम बता दिया जिससे पहले बात हुई थी। अधिकारियों का इस तरह से गैरजिम्मेदाराना रवैया स्पष्ट करता है कहीं ना कहीं सेल्समैन को आबकारी अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है। इसलिए शिकायत के बाद भी आबकारी विभाग कोई भी कार्यवाही करने से कतराते नजर आ रहे हैं।
