भरत भारद्वाज
फरसगांव :- साल में एक बार एक दिन के लिए खुलने वाला आलोर झाटीबन की पहाड़ी गुफा पर स्थित माँ लिंगेश्वरी मंदिर का द्वार कल 18 सितंबर बुधवार को खुलेगा । हर वर्ष पहली बार मंदिर का द्वार खुलने से दो दिन पहले सोमवार से ही भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो गया है । देखते देखते मंगलवार की सुबह तक लंबी कतार लग गई है। भक्त अपने सुविधा अनुसार कतार में बैठ कर अपनी बारी का इंतजार कर रहे है । वैसे तो हर वर्ष मंदिर के द्वार खुलने के एक दिन पहले भक्त आते है लेकिन इस वर्ष पहली बार भक्त दो दिन पहले से ही पहुच रहे है । निसंतान दम्पति जोड़े मन्दिर के नीचे द्वार पर चटाई बिछाकर बैठ कर मंदिर खुलने का इंतजार कर रहे है। जिसमे धमतरी , बालोंद, कांकेर, बस्तर , चारामा के , महासमुंद, राजनांदगांव , खैरागढ़ , कोंडागांव, रायपुर, भिलाई, दुर्ग, राजिम सहित गोवा और अन्य जिले से बड़ी संख्या में भक्त पहुच चुके है। सभी मंदिर खुलने का इंतजार कर रहे है।
मन्नत लेकर अन्य राज्यो से भी हजारों की संख्या में आते है भक्तजन –
आलोर झाटीबन के पहाड़ी में स्थित मां लिंगेश्वरी के दर्शन करने छत्तीसगढ़ प्रदेश के साथ-साथ अन्य प्रांत के लोग भी बड़ी संख्या में दर्शन करने आते हैं जो आज भी रायगढ़, बिलासपुर, रायपुर , हैदराबाद ,कोरबा ,कवर्धा जैसे कई शहर से भक्त अपने मन्नतो को लेकर मां लिंगेश्वरी मंदिर पहुंचे हैं और कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं । बुधवार को सुबह मंदिर समिति के पुजारियों द्वारा विधिवत पूजा अर्चना कर मंदिर द्वार का खोला जाएगा जिसके बाद भक्तों को माता के दर्शन हो पाएंगे । मंदिर समिति व जिला प्रशासन के द्वारा सारी तैयारियां कर रही है, वहीं सुरक्षा के तौर हर वर्ष 300 से अधिक पुलिस जवान तैनात रहते है, पार्किंग की सुविधा भी रखी जायेगी साथ ही श्रद्धालुओं को तकलीफ ना हो स्वास्थ्य सेवा के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मौके पर उपस्थित रहेंगे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा भंडारे का भी आयोजन की तैयारी की जा रही है ताकि कल भक्तो की तकलीफ न हो।
