यजुवेन्द्र सिंह ठाकुर

काँकेर । काँकेर जिला एवं राज्यस्तरीय योग प्रशिक्षण के मास्टर ट्रेनर मोहन सेनापति मुंगेर बिहार योग सेंटर से पिछले 22 वर्षों से जुड़कर योग का प्रचार कर रहे हैं। सेनापति 19 नवंबर रक्षाबंधन के पवित्र दिन स्वामी निरंजनानंद सरस्वती जी से जिज्ञासु की दीक्षा लिए। इसके पूर्व प्रथम दीक्षा उन्होंने मंत्र दीक्षा रिखिया से ले चुके थे। द्वितीय सोपान की दीक्षा ‘जिज्ञासु’ दीक्षा होती है, जिसमें आध्यात्मिक नाम दिया जाता है। श्री मोहन सेनापति का शारीरिक या भौतिक नाम जो उनके माता पिता ने रखा है, ‘मोहन’ है। इसके अलावा आध्यात्मिक नाम “योग कृपा” है अब आप सेनापतिजी को उनके आध्यात्मिक नाम ‘योगकृपा ‘ से भी जान- पहचान संबोधन कर सकते हैं। मंत्र दीक्षा में सुनील नाग,जिज्ञासु दीक्षा में जया सेनापति ने भी दीक्षा प्राप्त की है। श्री मोहन सेनापति के ‘जिज्ञासु’ दीक्षा प्राप्त करने और नया नाम मिलने पर उनके शुभचिंतक सर्व श्री अशोक यदु ,सुनील साहू,मुरारी देवांगन,दुर्गेश अवस्थी,राजेश शुक्ला, राजेश शर्मा, अजय जैन,राजगोपाल कोठारी,गुलराज शर्मा,गायत्री शर्मा,डॉक्टर भव्या शर्मा,एकता गजेंद्र गुप्ता,हेमंत कुमार ध्रुव,डॉक्टर राज सिंह मंडावी,अवधेश लारिया,रीना लारिया,अरुण कौशिक,विजय लक्ष्मी कौशिक,अविनाश नेगी नरेश परिहार,धर्मेंद्र चतुर्वेदी,हिमांशु कोठारी,जैकी आहूजा,विशाल मोटवानी,संदेश पाठक,कालीपद देवनाथ,अनुराग चौहान, उषा सिन्हा,अशोक राठी,केतन व्यास, किशोर वात्यानी,मयंक हड़प,सुरेश चंद्र श्रीवास्तव,बीरबल गढ़पाले,अजय करायत,पंकज श्रीवास्तव,मीना श्रीवास्तव,दीपक मुखर्जी, प्रीति ठाकुर,राजकुमार चोपड़ा,संदीप कोर्डे,शत्रुघ्न सिन्हा,सत्येंद्र सोनी,हेमलता वैष्णव,बुलबुल वैद्य,सुभाषचंद्र वैद्य,सीमा मिश्रा,धीरज रजक,गणेश रवानी, गणेश तिवारी, वीणा साहू,भोजराज रजक,सोहन साहू,राजभारती,चंद्रजय मरकाम माधुरी नेताम, शबानासिंह ,अजय पप्पू मोटवानी, संत कुमार रजक एवं अनेक शुभचिंतकों ने हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं।
