*प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना पर कोटेदार की मनमानी*  *गरीबों के राशन पर डाल रहा डाका कोटेदार*  *ग्रामीणों को समय पर नहीं मिलता राशन*  *गरीबों के राशन पर कोटेदार का शोषण*  *कोटेदार की मनमानी दो गुना ज्यादा दामों में मिल रहा आदिवासी बैगाओ को राशन*

दीपक विश्वकर्मा

उमरिया– शासकीय उचित मूल्य दुकान का कोटेदार बिना किसी भय के अपनी दुकान चला रहा है। कोटेदार द्वारा लाभार्थियों से जबरन पैसे वसूले जा रहे हैं, जिससे परेशान होकर ग्रामवासियों ने कोटेदार पर कार्रवाई की मांग की है।
केंद्र और राज्य सरकारें मध्यप्रदेश के सभी जिलों में हितग्राही और जन कल्याणकारी योजनाओं का संचालन कर रही हैं। लेकिन इन योजनाओं के सफल संचालन के लिए जिन लोगों को जिम्मेदारी दी गई है, वे ही योजनाओं का दुरुपयोग कर रहे हैं और लाभार्थियों को लूट रहे हैं। जहां ग्राम पंचायत घुनघुटी का कोटेदार राशन और खाद्यान्न की पर्ची के नाम पर लाभार्थियों से जबरन पैसे ले रहा है।
ग्रामवासियों ने आरोप लगाते हुए जानकारी दी कि राशन दुकान महीने के आखिरी में खुलती है और कोटेदार सभी सामग्री का पैसा अलग से वसूलता है। चाहे वह पर्ची काटने के नाम पर हो या फिर शक्कर और नमक का, सभी का पैसा अलग से लिया जाता है।

खबर प्रकाशन के बाद जिम्मेदार अधिकारी कोटेदार के ऊपर कोई कार्यवाही करते है य इस कोटेदार को गरीबों का राशन निगलने के लिए यूं ही छोड़ दिया जाएगा।।