विनोद जैन
बालोद नगर के स्थानीय महावीर भवन में चल रहे सहजानंदी चातुर्मास शिविर जिसका विषय “हम स्वर्ग धरा पर लाएंगे” पर प्रवचन करते हुए संत ऋषभ सागर जी महाराज साहब ने कहा कि लोग स्वर्ग प्राप्ति के लिए घोर तपस्या करते हैं तथा इसके लिए काफी कष्ट भी सहते हैं तो ऐसी साधना हम घर को स्वर्ग बनाने के लिए क्यों नहीं कर सकते। ऐसा तभी होगा जब हम लक्ष्य बनाएं की किसी भी परिस्थिति में परिवार की शांति भंग नहीं करना है ।अपने व्यापार व्यवसाय को सुचारू ढंग से चलने के लिए जब हम सभी प्रकार की मुश्किलों का सामना करने को तैयार हो जाते हैं तो फिर परिवार के उचित संचालन में क्या मुश्किल आ सकती है ।गलतियां किसी से भी हो सकती है उसके लिए ताना नहीं बल्कि सांत्वना की जरूरत होती है, क्रोध की नहीं प्रेम की जरूरत होती है, तथा सलाह की नहीं सहयोग की आवश्यकता होती है। हमारा नजरिया जब ऐसा होगा तो परिवार में स्वाभाविक रूप से समन्वय तथा सुख और शांति होगी ।क्रोध में या ताना मार कर बोलने से शब्द घाव का काम करते हैं क्योंकि शब्द किसी शस्त्र से कम भी नहीं होते। किसी की गलती को बार-बार दोहराएं नहीं ,अपनी अपेक्षाओं को किसी पर लादे नहीं ,गलतियों को क्षमा करने का भाव रखें । इन छोटी-छोटी बातों को जीवन में उतार कर परिवार के बीच भी स्वर्ग का वातावरण बनाया जा सकता है ।जिस परिवार में सुख शांति हो वहां लक्ष्मी का वास होता है ।इस चातुर्मास में अपने अंदर सुधार के लिए संकल्प लें तथा गलती होने पर उपवास या अन्य किसी स्वरूप में प्रायश्चित करें।
चातुर्मास में तपस्याओं का क्रम चल रहा है।श्रीमती कंचन श्रीश्रीमाल, विकास भंसाली, एवम ऋषभ चौरड़िया का वर्षीतप एवम श्रेयांश श्रीश्रीमाल का 9,गौरव चौरड़िया का 8 एवम सोनम श्रीश्रीमाल का 8 उपवास जारी है।जानकारी मीडिया प्रभारी रूपचंद जैन ने दी।
