दीपक विश्वकर्मा
*आंचलिक खबर* =उमरिया करोड़ों रुपए का व्यापार करने वाले बैंक शहर में नियमों की अनदेखी कर बिना पार्किंग सुविधा के बैंक का संचालन कर रहे हैं जिले में अधिकांश प्रमुख बैंक हैं जिनके पास ग्राहकों के लिए पार्किंग की उचित सुविधा नदारत है ऐसे में ग्राहक मजबूर हैं।
❌ *बैंकों के बाहर पार्किंग ना होने से सड़क किनारे खड़े होते हैं वाहन*
शहर में संचालित बैंकों में पार्किंग की व्यवस्था नहीं है बैंकों में पार्किंग ना होने के कारण उपभोक्ता सड़क पर वहां खड़े कर देते हैं सड़क पर वाहन खड़े कर देने के कारण आवागमन प्रभावित होता है तथा जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती है
नगर व जिले में संचालित अधिकांश बैंक के पास अपने भवन नहीं है तथा किराए के भवन में संचालित हो रही है किराए के भवनों में संचालित बैंकों के पास अपने उपभोक्ताओं के वाहन खड़े करने के लिए पार्किंग की व्यवस्था नहीं है जिले में संचालित सेंटर बैंक स्टेट बैंक ग्रामीण बैंक एवं अन्य बैंकों के पास पार्किंग के नाम पे कोई जगह नहीं है उपभोक्ता अपने वाहन सड़क पर खड़े कर देते हैं सड़क पर वाहन खड़े करने के कारण सड़क पर जाम लगता है तथा आवागवन प्रभावित होता है मजे की बात तो यह है कि पार्किंग ना होने के कारण उपभोक्ताओं को कई वर्षों से परेशानी हो रही है इसके बाद भी बैंकों के शाखा प्रबंधक अपने उपभोक्ताओं की इस समस्या को नजर अंदाज कर रहे हैं बैंक प्रबंधकों द्वारा ध्यान न देने के कारण बैंक को किराए पर भवन उपलब्ध कराने वाले भवन स्वामी भी इस और ध्यान नहीं दे रहे हैं।
अब देखना यह है कि खबर लगने के बाद बैंक प्रबंधकों द्वार पार्किंग की व्यवस्था करते हैं या यूं ही उपभोक्ताओं की परेशानी को अनदेखा करते रहेंगे।।
