*सावन माह शुरू होते ही हर तरफ गुंजा हर हर महादेव शिवमंदिरो में सुबह से ही भक्तों की भीड़*

यजुवेन्द्र सिंह ठाकुर

काँकेर — सावन का महीना वैसे भी भगवान शिव को प्रिय होता है। इस महीने में यदि कोई प्रतीक स्वरूप भी शिवजी की आराधना करें तो उसकी मनोकामना पूरी हो जाती है लेकिन इस साल तो सावन का महीना जैसे सभी शिव भक्तों के लिए भाग्योदय और मनोवांछित फलों की पूर्ति का अवसर लेकर आया है।
श्रावण मास में भगवान शिव की अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसती है। शिव को जल अत्यंत प्रिय है, इसलिए सावन में जो भी भक्त उनका जलाभिषेक करता है, वह उसकी हर मनोकामना पूरी करते हैं। शिव आराधना से भक्तों को समस्त पाप, ताप और संतापों से मुक्ति मिल जाती है। देवाधिदेव महादेव इतने सहज एवं सरल हैं कि जो भी भक्त उनका पूजन-अर्चन करता है, उसे पुण्यफल की प्राप्ति अवश्य कराते हैं। वह अपने भक्तों को न केवल दर्शन, बल्कि पूजा का प्रतिफल भी देते हैं।
यही कारण है कि संपूर्ण ब्रह्मांड में सर्वाधिक अनुयायी भगवान शिव के हैं। देवता हो या दैत्य, शैव हो या वैष्णव, राजा हो या रंक, बुद्धिमान हो या अज्ञानी, सभी का कल्याण करने वाले एकमात्र देवता देवाधिदेव भगवान शिव ही हैं।
शहर के ऊपर नीचे रोड के शिव मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ रहती हैं सावन के पहले सोमवार को सुबह 7 बजे से भक्त पूजा करने आ रहे मंदिर समिति द्वारा सावन में हर सोमवार को शाम के समय शिवजी का श्रंगार किया जाता हैं सावन माह के बीच मे कावड़ यात्रा का आयोजन होता हैं जिसमे दो से तीन हजार कावड़िये रहते हैं शहर से 7 किलोमीटर दूर संगम स्थल से जल लाकर जलाभिषेक किया जाता हैं आज पहले सावन सोमवार को फूलों से शिवजी का श्रंगार किया जाएगा