दीपक विश्वकर्मा
शहडोल जिले में भू माफियाओं का कब्जा शहर क्या गांव की जमीन को भी अपनी दबंगई के दम पर छीन लेते हैं ताजा मामला ग्राम पंचायत खन्नौधी का है बता दें उपसरपंच द्वारा शासकीय भूमि न. 1237 पर अवैध कब्जा करते हुए मकान निर्माण का कार्य कराया जा रहा था जबकि तहसील गोहपारू के तहसीलदार के द्वारा स्ट्रे की कार्यवाही की गई थी ओर अभी स्ट्रे खोला नहीं गया था किंतु उपसरपंच दबंगई का धोस दिखाते हुए अवैध निर्माण का कार्य करा लिया प्रार्थी जिसका लगातार 40 वर्षों से कब्जा सन 1959 से रहा है उसका पुराना घर गिराकर नया दुकान बना दिया गया कई बार तहसील एवं थाना गोहपारू का चक्कर काट चुकी है किंतु उस गरीब की कोई सुनने को तैयार नहीं है जबकि शहडोल कलेक्टर के द्वारा निर्देशित किया गया था कि उस अवैध निर्माण को रोका जाए प्रार्थी सभी जनप्रतिनिधियों से अनुरोध करती रही की उस अवैध निर्माण की तत्काल कार्यवाही की जाए लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई और ना ही प्रार्थी गरीब की कोई सुनने वाला है वही उपसरपंच के द्वारा घर बना कर 6 लाख मे बिक्री हो चुका है ये सब पटवारी और तहसीलदार के सह मे मकान बन कर बिक्री कर दिया गया आज बेबस महिला के पास आज रहने को घर नहीं प्रदेश के मुखिया बड़ी-बड़ी बात तो करते हैं लेकिन जमीनी स्तर पर देखा जाए तो इस गरीब दुखियारी का सुनने वाला कोई नहीं।।
