*राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया* *कार्यशाला आयोजित कर महाविद्यालय के शिक्षकों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया*

*भानुप्रतापपुर, रिपुदमन सिंह बैस*

प्रदेश में सत्र 2024-25 से समस्त महाविद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत स्नातक स्तर पर बीए, बीकॉम, बीएससी का पाठ्यक्रम सेमेस्टर पद्धति से लागू किया गया है। उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के संबंध में महाविद्यालय के शिक्षकों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने के लिए शासकीय महर्षि वाल्मीकि स्नातकोत्तर महाविद्यालय भानुप्रतापपुर में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन प्राचार्य डॉ. रश्मि सिंह की अध्यक्षता में किया गया। वरिष्ठ प्राध्यापक श्यामानंद डेहरिया द्वारा स्वागत उद्बोधन पश्चात कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। महाविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 क्रियान्वयन प्रकोष्ठ के संयोजक रितेश कुमार नाग द्वारा नीति के प्रावधान संबंधित सामान्य चर्चा करते हुए जिला मास्टर ट्रेनर एवं विषय विशेषज्ञ डॉ नेल्सन खेस को प्रथम सत्र के लिए आमंत्रित किया गया। कार्यशाला के प्रथम सत्र में डॉ. नेल्सन खेस ने शिक्षकों एवं कर्मचारियों को बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार 3/4 बहु-संकायी स्नातक पाठ्यक्रम क्रेडिट पर आधारित होने के साथ ही चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम के अंतर्गत होंगे, जिसे विद्यार्थी अधिकतम 07 वर्षों में पूर्ण कर सकता है। पाठ्‌यक्रम अवधि में विद्यार्थी ‘बहु- निकास’ प्रावधान के अंतर्गत प्रथम वर्ष पूर्ण कर किसी कारणवश पढ़ाई छोड़ देता है तो उसे उस संकाय के अंतर्गत सर्टिफिकेट तथा 2 वर्ष पूर्ण कर छोड़ने पर डिप्लोमा की उपाधि दी जाएगी। 3 वर्ष पूर्ण करने पर स्नातक की उपाधि प्राप्त कर पाठ्यक्रम को छोड सकता है। जिन विद्यार्थियों को विषय विशेष में विशेषज्ञता प्राप्त करने या शोध करने की इच्छा हो, वे पाठ्यक्रम को निरंतर चौथे वर्ष में जारी रख सकते हैं, और 4 वर्ष पूर्ण कर ऑनर्स या ऑनर्स विथ रिसर्च की उपाधि प्राप्त कर सकते हैं। इस नीति के अंतर्गत बहुविषयक शिक्षा, वैचारिक समझ एवं आलोचनात्मक सोच, नैतिक मूल्यों के साथ कौशल विकास को भी पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है। सतत आंतरिक मूल्यांकन में 30 प्रतिशत अंक एवं अंत सेमेस्टर परीक्षा में 70 प्रतिशत अंकों का प्रावधान रखा गया है। विद्यार्थी को उत्तीर्ण होने हेतु इन दोनों को मिलाकर (आंतरिक एवं अंत सेमेस्टर परीक्षा) कुल 40 प्रतिशत प्राप्त करना अनिवार्य होगा। जेनेरिक इलेक्टिव के अंतर्गत कला, विज्ञान, वाणिज्य संकाय के विद्यार्थी अपने संकाय के अतिरिक्त अन्य संकाय के किसी एक विषय को अपनी इच्छानुसार ले सकते हैं। कार्यशाला के समापन अवसर पर महाविद्यालय के छात्रसंघ प्रभारी रमेश कुमार दर्रो द्वारा आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 क्रियान्वयन प्रकोष्ठ के सदस्य टुपेश कुमार कोसमा द्वारा किया गया। कार्यशाला में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक, शिक्षक एवं कर्मचारी स्टाफ उपस्थित रहे।