*जिस पाली पर शहर को स्वच्छ बनाने की जिम्मेदारी,वही कर रही गंदगी*

उमरिया जिला

बिरसिंहपुर पाली

दीपक विश्वकर्मा

*पाली नगर पालिका के  परिषद उन्हीं के दफ्तरों की दीवारें पीक से हुई बदरंग वैसे तो बाजार में लगी होर्डिंग पर 250 का जुर्माना पर नगर पालिका के कर्मचारी पर  जुर्माना कब*

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ किए गए स्वच्छता अभियान के तहत करोड़ों रुपया प्रचार-प्रसार और अन्य कार्यक्रमों में खर्च किए जा रहे हैं। यह बात अलग है कि लोगों में जागरूकता के अभाव के कारण सरकारी कार्यालयों की दीवारें स्वच्छता से अछूती हैं। गुटखे और पान की पीक से दीवारें और फर्श के कोने लाल हो चुके हैं। गौरतलब है उमरिया जिले की नगर पालिका परिषद पाली के अधिकारी कर्मचारी स्वच्छ भारत अभियान के तहत जहां लोगों को साफ-सफाई का पाठ पढ़ा रहे हैं बाजारों में बड़े बड़े होर्डिंग लगा के सार्वजनिक स्थानों पर थूकने और पेसाब करने पर 250 रुपये की जुर्माने लगाने की बात कर रही हैं । उनके द्वारा लोगों को सार्वजनिक स्थानों पर गुटखा थूकने से मना किया जा रहा है। लेकिन जब उन्हीं के दफ्तरों की दीवारें पर पान, गुटखा और तंबाकू की पीक के गहरे दाग लगे हुए हो तो नगर पालिका के अधिकारियों और कर्मचारियों पर कौन जुर्माना लगाने वाला है। पाली  नगर पालिका परिषद की दीवारें पीक से बदरंग इन दिनों नगर पालिका पाली का बुरा हाल है। स्थिति यह है कि नपा की दीवारें पान मसाला व गुटखा की पीक से गंदी हो चुकी हैं। खास बात यह है कि नपा द्वारा बिल्डिंग पर जो रंग-रोगन कराया गया था। लेकिन गुटखा और पान थूकने से बिल्डिंग की दीवारें एक बार फिर से पहले जैसी हो गई हैं। नगर पालिका पाली शहर में स्वच्छता पर हर वर्ष करीब 9 से 10 लाख रुपए खर्च करती है। लेकिन स्वयं की बिल्डिंग में स्वच्छता अभियान से दूर हैं। हालॉकि वही इस बात को लेकर मुख्य नगर पालिका अधिकारी भूपेंद्र सिंह पेन्द्रों ने कर्मचारियों पर कार्यवाही कर जुर्माना वसूलने की बात पर कितने खरे उतरते हैं या फिर यू कहे कि ऐसे ही पाली शहर स्वच्छता में नंबर वन की जगह  गंदगी में सुमार रहेगी।