दीपक विश्वकर्मा
उमरिया:- बिरसिंहपुर पाली एसइसीएल एवं ताप विद्युत गृह प्रबंधन अपने बेशकीमती उपकरणों और लोहा सामग्रियों के संरक्षण के लिए अपने सुरक्षाकर्मियों सहित बोर्ड सुरक्षाकर्मियों को भी भारी भरकम पेमेंट देकर अपने खदानों और बेशकीमती मटेरियल की सुरक्षा नहीं कर पा रहा है, कहीं ना कहीं इस अनैतिक कार्य में लगातार कबाड़ी के हौसला दिनों दिन बढ़ता ही जा रहा है, यही कारण है कि कबाड़ी अपनी इच्छा के मुताबिक कोयला खदानों एवं ताप विद्युत गृह को चारागाह बनाये हुए है। और करोड़ों रुपए की संपत्ति को लूट कर प्रबंधन को खोखला कर रहे है।कोयलांचल क्षेत्र मे कबाड़ के कारोबार में लाखों का अवैध कारोबार करने वाले कबाड़ायों का खेल भी नायाब है। कालरी एवं ताप विद्युत गृह की बेशकीमती मशीनों को गलाने व उसे अन्यंत्र भेजने में माहिर यह कबाड़ी वर्षों से बख्ची करते आ रहे है, लेकिन सूदखोरों की तरह यह भी स्थानीय पुलिस व प्रशासनिक व्यवस्था का फायदा उठाने बाले कबाड़यिों पर कार्यवाही की मांग उठने लगी है। लोगों ने कबाडियों पर भी कार्यवाही की उम्मीदें लगाये हुए
हैं।
*पुलिस और प्रशासन का नहीं रोकटोक*
कबाड़ के कारोबार में किसी का नियंत्रण न होने के कारण धड़ल्ले से फल-फूल रहा है, विरसिंहपुर पाली में इन दिनों मुठ्ठलुआ वार्ड नंबर 05 में फिरोज का ठीहा,तो थाना के पीछे वार्ड नंबर 10 में ही शलीम के ठीहे पर अवैध कबाड़ की चर्चा इन दिनों हर चौक-चौराहों पर है, कबाड़ के व्यवसाय को शुरू करने के लिए सिर्फ एक स्टाक रजिस्टर की जरूरत होती है। स्टॉक रजिस्टर में खरीद-बिक्री किए गए समान को दर्ज कर इस व्यवसाय को आसानी से किया जा सकता है। एसईसीएल से चोरी किया हुआ कन्वेयर बेल्ट का रोलर, पाईप, जीआई सीट, रोल के अलावा संजय गांधी ताप विद्युत परियोजना से निकला हुआ कबाड़ उक्त कबाडियों के ठीहो पर पाया जा सकता है।,
*पाली पुलिस की दिखावे की कार्यवाही*
मजेदार बात यह कि विरसिंहपुर पाली में फिरोज, शलीम,का नाम बड़े कवाडियों में शुमार है, जो बेरोकटोक व बेखौफ कारोबार कर रहे हैं। इन पर किसी का नियंत्रण नहीं होने से जिले में दिन ब दिन कचाडियों की संख्या में बढ़ती जा रही है। कबाड़ी बिना सत्यापन के साइकिल, मोटरसाइकिल एवं अन्य चोरियों के सामान को बेधडक खरीद रहे हैं। इस व्यवसाय में जिले के बाहर से आए लोग सक्रिय हैं। उनके द्वारा ही जिले में इस व्यवसाय को बढ़ावा दिया जा रहा है। आलम यह है कि बिरसिंहपुर पाली की पुलिस कबाडियों पर नकेल नहीं कस पा रही है। कभी कभार ऐसे लोगों पर कार्रवाई कर औपचारिकता पूरी की जाती है, जो रही व चोरी के एकाध सामान पार करते हैं।
बिरसिंहपुर पाली में क्षेत्र में बंद एवं चालू कोयलाखदाने हैं, जहां से बेसकीमती कबाड़ पार किया जाता है, पाली में इन दिनों दिन-दहाड़े सार्वजनिक स्थानों से साइकिल और बाइक चोरी हो रहीं हैं, साइकिल चोरी होने पर अमूमन लोग थाने में रिपोर्ट दर्ज नहीं कराते, क्योंकि पुलिस इसे छोटा मामला बताकर ध्यान नहीं देती। बाइक और साइकिल चोरी की रिपोर्ट तो लिखी जाती है, लेकिन अक्सर में वापस नहीं मिलते। इसका कारण यह कि चोरी की साइकिल और बाइक के कलपुर्जे को अलग-अलग कर कबाड़ में बेच दिया जाता है। इसके अलावा इस धंधे में लोहे के सामान व घरेलू उपयोग के सामान सहित कई कीमती समान पानों के मोल कबाड़ी अपने दलालों के माध्यम से खरीद कर लाखों कमाते है।
*धंधे में बच्चे भी हो रहे शामिल*
कई मामले ऐसे भी आए हैं, जिनमें कबाड़ी बच्चों से चोरी के माल खरीदते हैं, ये किशोर प्रायः गरीब तबके के होते हैं। पारिवारिक व सामाजिक मार्गदर्शन नहीं मिलने से वे घरो के आस पास फेंके गए कचरे में से कबाड़ चुनते है बाद में इन बच्चों पर पारिवारिक नियंत्रण नहीं होने के कारण नशे के गिरफ्त में आ जाते है और अपनी आवश्यकता की पूर्ति के लिए चोरी के धंधे में उतर आते हैं।
*कबाड़ व्यवसायियों पर पाली पुलिस कार्रवाई नहीं*
कबाड़ का व्यवसाय करने वाले फिरोज, शलीम, पुलिस के द्वारा कोई कार्रवाई करने से इनके हौसले बुलंद हो गए हैं और ये बेधड़क चोरी के सामानों की खरीद-विक्री के काम में लगे हुए हैं। यदि पुलिस के द्वारा ऐसे व्यवासियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी तो, कोयलांचल से चोरी हुए कई समान इनके पास से बरामद हो सकता है। यहां के कबाडियों के पास ज्यादातर भवन निर्माण में उपयोग होने वाले छड़, वाहनों के चक्के एवं कोल माइंस से निकला हुआ कबाड़ कन्वेयर बेल्ट का रोलर, पाईप, जीआई सीट, रोल के अलावा संजय गांधी ताप विद्युत परियोजना के कोल हापड़ से निकला हुआ कबाड़, राखड़ वाली कटी हुई पाईप बरामद हो सकती है।
