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उमरिया
दीपक विश्वकर्मा

उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व अंतर्गत खुसरिया बीट के आरएफ 192 में नर बाघ के मौत की खबर है,हालांकि मंगलवार की दोपहर जैसे ही इस बात की जानकारों पार्क प्रबन्धन को लगी,वैसे ही पूरा पार्क अमला एक्टिव मोड पर आ गया है,और घटना स्थल पहुंच कर शव को कब्जे में लिया है,देर शाम विशेषज्ञ चिकित्सकों की मदद से पीएम आदि करा दाह संस्कार किया गया है।बताया जाता है कि बाघ का एक पैर काफी दिनों से चोटिल रहा है,जिस वजह से जंगल मे लंगड़ाकर चल रहा था,अभी हाल के दिनों में शिकार आदि में भी भारी परेशनी हो रही थी,मंगलवार को पोंडी से 10 से 12 किमी दूर खुसरिया बीट में उसका मृत शव मिला है। सूत्रों की माने तो पैर चोटिल होने की वजह से शिकार आदि करने में असमर्थता मौत का मूल कारण हो सकता है,हालांकि पीएम आदि के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि उसके पेट मे भोजन था या नही। *ये पूरी जानकारी सूत्रों पर आधारित है,क्योंकि हमेशा की तरह अधिकांश जिम्मेदार अधिकारियों के फ़ोन स्विच ऑफ हो गए है,और जो जिम्मेदार अधिकारियों के फोन ऑन है,वो अपनी जिम्मेदारियों से परे जाकर फ़ोन रिसीव ही नही कर रहे है।* बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व समूचे राष्ट्र के साथ उमरिया जिले का गौरव है,ऐसे में जब पार्क के अंदर कोई इंसिडेंट या हादसा सामने आता है तो जिले के वन्य प्रेमियों को इसकी जानकारी तुरन्त साझा करना मीडिया की पहली जिम्मेदारी होती है,परन्तु ऐसे समय जिम्मेदार पार्क अधिकारियों का फ़ोन स्विच ऑफ होना,या फ़ोन रिसीव न करना दुर्भाग्यपूर्ण है,निश्चित ही पार्क के अंदर ऐसे गम्भीर हादसों के समय जिम्मेदार अधिकारियों का मीडिया से दूरी पार्क अमले की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल है।
