थाना कांकेर पुलिस द्वारा अतिसंवेदनशील अपहरण के मामले को 05 दिवस के अंदर सुलझाया गया

यजुवेन्द्र सिंह ठाकुर

दिनांक 12.05.2024 को प्रार्थीया एक्स थाना उपस्थित आकर रिपोर्ट दर्ज करायी कि उनकी नाबालिक लड़की कुमारी एक्स जेड उम्र 15 वर्ष 06 माह, 23 दिन जो कि दिनांक 10.05.2024 को रात्रि में प्रतिदिन की तरह खाना पीना खाकर सोये हुये थे जो कि दिनांक 11. 05.2024 के सुबह 06.00बजे प्रार्थीया जब सोकर उठी तब पता चला कि सुबह 04 से 06 बजे के मध्य कोई अज्ञात व्यक्ति के द्वारा प्रार्थीया के नाबालिक लड़की को बहला फुसलाकर अपहरण कर ले गया कि रिपोर्ट पर थाना कांकेर में अपराध क्रमांक 174/2024 धारा 363 भादवि कायम कर विवेचना में लिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुये व.पु.ज. आई. के. एलेसेला कांकेर द्वारा तत्काल टीम तैयार कर निर्देशन पर टीम द्वारा विवेचना दौरान कांकेर से रायपुर तक लगभग 90 सीसीटीव्ही फुटेज खंगाला गया जिसमें आरोपी द्वारा लगातार अपना लोकेशन बदलने व बार बार मोबाईल बदलने पर, आधार कार्ड के आधार पर आरोपी द्वारा खरीदे गये नये सीम का मोबाईल लोकेशन लेते रहना आरोपी द्वारा उपयोग लागे जा रहे मोबाईल का बार बार सीडीआर अवलोकन करने तत्पश्चात 1200 किलोमीटर दूर ग्राम वीरवर थाना कसार जिला सेखपुरा (बिहार) जाकर पुलिस टीम द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का पालन करते हुये अपने सुझबुझ सर्तकता से पुलिस टीम द्वारा आरोपी शिवा वाल्मिकी पिता स्व. तीजू वाल्मिकी उम्र 26 वर्ष निवासी टिकरापारा कांकेर को घेराबंदी कर पकड़ा गया व आरोपी के कब्जे से पीडिता नाबालिक को दिनांक 17.05.2024 को ग्राम चोरबर थाना कसार जिला सेखपुरा (बिहार) से बरामद किया गया है, बरामदगी बाद वैधानिक कार्यवाही करते हुये पीड़िता का कथन लिया गया कथन में पीड़िता द्वारा आरोपी शिवा वाल्मिकी के द्वारा आज से लगभग एक वर्ष पहले कांकेर में रात के समय बहला फुसलाकर जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाकर बलात्कार करना बताया गया है, दिनांक 11.05.2024 को उनके मकान कांकेर से बहला फुसलाकर अपहरण कर आम चोरबर वाना कसार बिहार लेजाकर जबरदस्ती शादी कर किराये के मकान में जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाकर बलात्कार करना बताये है विवेचना दौरान प्रकरण में आरोपी के विरूध्द बारा 376,376 (2) (ढ) भादवि, 4.6 लैंगिक अपराधों से बालको का संरक्षण अधिनियम 2012 का अपराध सबुत पाये जाने से प्रकरण में उपरोक्त धारा जोड़ी गई है, आरोपी को न्यायिक रिमांड पर माननीय न्यायालय पेश किया जाता है,