अभिषेक अवस्थी
5 वर्षो के कार्यकाल में बीजापुर जिले में व्याप्त शोषण भ्रष्टचार घोटाले की खाल के बाल खींच खींच के अजय सिंह पोल खोल रहे है ।
पूर्व कांग्रेसी नेता प्रमाणित दस्तावेज के साथ भंडाफोड़ करते हुवे बीजापुर कलेक्टर के ऊपर भी गंभीर आरोपों की झड़ी लगा रखी है ! साथ ही जिला प्रशासन के नाक में दम कर रखा है।
जिसका परिणाम यह देखने को मिला की नक्सली हिट लिस्ट के बावजूद अजय सिंह को मिली सुरक्षा कम करा दी गई
स्थानीय व्यापारी के माध्यम से झूठी शिकायत कराने का प्रयास भी थाना प्रभारी द्वारा किया गया था मगर व्यापारी ने झूठी शिकायत करने से साफ इंकार कर दिया।
यानी किसी न किसी तरह अजय सिंह को विधान सभा चुनाव सम्पन्न होने तक जिले से बाहर रखने के प्रयास भी जोरो से होने लगे है।
जिसे बीजापुर की जनता भी अच्छी तरह समझ रही है की इन सबके पीछे क्या कारण हो सकता है ।
कलेक्टर बीजापुर पर लगातार खुले आरोप के बाद जिला प्रशासन भी अजय सिंह के पीछे बुरी तरह लग चुका है।
अजय सिंह ने दूरभाष पर जानकारी देते हुवे बताया की उन्हे कलेक्टर न्यायालय ने एक नोटिस दिनाक़ 14 /10 को देते हुवे जिला बदर की कार्यवाही करने की बात का उल्लेख करते हुवे उनसे ज़बाब तलब दिनाल 16/10/23 को किया था।
जिस पर उन्होंने न्यायालय कलेक्टर में उपस्थित होते हुवे जवाब देने हेतु एक सप्ताह का समय मांगा जरूर मगर कलेक्टर ने उन्हे 3 दिन का समय ज़बाब देने को दिया है ।
श्री सिंह ने बताया की उनके खिलाफ अब तक जो भी सामान्य प्रकरण दर्ज हुए उन सब में वे निर्दोष साबित हुवे है !
उन्हे किसी भी प्रकार की न तो सजा हुई न अर्थ दंड ही हुवा इसके बाद भी कलेक्टर न्यायालय ऐसे प्रकरण जिन्हे माननीय न्यायलय ने समाप्त कर दिए उन सबको आधार मानते हुवे नोटिस जारी किया है जबकि आरोपो का वास्तविकता से कोई लेना देना नही है उन आरोपों को आधार बनाते हुवे उन्हे नोटिस जारी किया गया है।
नोटिस का वे माकूल ज़बाब 19 अक्तूबर को न्यायालय कलेक्टर बीजापुर को प्रस्तुत करेगे।
उन्होंने कहा की सारे प्रयास केवल यही हो रहे की अजय सिंह को घेरा जाए …ताकि वे जनता और क्षैत्र के हितों में बीजापुर की जनता के बीच अपनी बात न रख सके..!
मैने पहले ही कहा है की वर्तमान कलेक्टर के रहते निष्पक्ष चुनाव कदापि नही हों सकता कलेक्टर काग्रेस के एजेंट के रूप में काम करते दिख रहे है।
उन्होंने कहा की वे बीजापुर जिले के ग्राम पंचायतों के साथ किए गए अन्याय आदिवासियों के आस्था के केंद्र देवगुड़ी में हुवे भ्रष्टाचार के खिलाफ घोटाले और घोटाले बाजों की वास्तविकता जनता के सामने लगातार लाकर दोषियों के चेहरे पर पड़े ईमानदारी के मुखौटे उखाड़ने का प्रयास कर रहा हूं। ताकि असलियत से जनता वाजिब हो सके..
प्रश्न यह उठता है की आखिर सभी अजय सिंह से इतना क्यों खोफ खा रहे है.?
उसका एक ही कारण है जनता की आवाज बनकर घोटाले भ्रष्टाचार के जन्मदाताओं के सामने जनता और क्षेत्र के साथ हुवे अन्याय के खिलाफ सीना ताने अन्याय के खिलाफ मैदान में दिख रहे है।
प्रमाणित शासकीय दस्तावेजों को हाथ में लेकर अजय सिंह ऐसे लोगों को आईना दिखाते हुवे उनसे जनता के बीच खड़े होकर
प्रश्न किया जा रहा है उन्ही कारणों के चलते सारे विचलित दिख रहे है और यही कारण है की
किसी भी तरह अजय सिंह को जनता से दूर रखने का सारा प्रयास किया जा रहा है।
अजय सिंह कहते है की ऐसे किसी भी दबाव का मुझ पर कोई असर नही होने वाला न मैं रति भर भी विचलित होने वाला नही हूं ।
मैं जनता और क्षैत्र के अधिकार तथा अन्याय के खिलाफ मुस्तैदी के साथ खड़े होकर लड़ता रहुगा।
उन्होंने कहा की वे ऐसे किसी भी कारवाही के लिए पूरी तरह तैयार है।उन्होंने कहा की समय आया तो वे न्यायालय में भी जाकर चुनौती देने को पूरी तैयार कर चुके है।
अगर कोई यह सोचे की अजय सिंह किसी के आगे झुक जायेगा या भय भीत हो जायेगा तो ये उनका भ्रम है ।
उन्हे पुरा विश्वास बीजापुर की जनता पर है की वो घोटालेबाजों को माकूल ज़बाब अवश्य देगे ।
ये तो तय है की अजय सिंह के तेवर में दिनो दिन इजाफा ही दिख रहा है।
जो काग्रेस के लिए परेशानी का कारण ही होगा ….आने वाली 19 तारीख को जिला बदर की कार्यवाही पर अजय सिंह के ज़बाब के पश्चात क्या कारवाही होती है..!ये समय ही बतायेगा बरहाल अजय सिंह उसी तेवर के साथ अपने मिशन में आज भी पूरे ताकत के साथ स्थानीय विधायक तथा प्रशासन के खिलाफ लगे हुवे है।
देखना यह है की क्या वाक्य में अजय सिंह की दाहड़ को रोकने का प्रयास होगा.??
